Q. इस हुजूम में आगे-आगे चल रहे हैं, सालिम अली। अपने कंधों पर सैलानियों की तरह अपने अंतहीन सफर का बोझ उठाए। लेकिन यह सफर पिछले तमाम सफरों से भिन्न है। भीड़-भाद की जिंदगी और तनाव के माहौल से सालिम अली का यह आखिरी पलायन है। अब तो वो उस वन-पक्षी की तरह प्रकृति में विलीन हो रहे हैं, जो जिंदगी का आखिरी गीत गाने के बाद मौत की गोद में जा बसा हो। कोई अपने जिस्म को हरारत और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटाना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा। उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर सही विकल्पों का चयन कीजिए-
प्रकृति से सालिम अली का संबंध कैसा था?
प्रकृति से सालिम अली का संबंध कैसा था?
✅ Correct Answer: (D)
वे प्रकृति का आत्मीय हिस्सा बनकर रहते थे