Explanation:
ल्हासा को 'निषिद्ध शहर' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह तिब्बत की आध्यात्मिक और धार्मिक राजधानी है, जहां बौद्ध धर्म की गहरी आस्था और परंपराएं प्रचलित हैं। यह शहर समुद्र सतह से लगभग 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जिससे यहां की हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और बाहरी लोगों के लिए यहां आना और रहना कठिन होता है। इसके अलावा, ल्हासा में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिबंधों के कारण इसे बाहरी लोगों के लिए सीमित और नियंत्रित क्षेत्र माना जाता रहा है, इसलिए इसे 'निषिद्ध' कहा गया है
Explanation by: Mr. Dubey
ल्हासा को 'निषिद्ध शहर' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह तिब्बत की आध्यात्मिक और धार्मिक राजधानी है, जहां बौद्ध धर्म की गहरी आस्था और परंपराएं प्रचलित हैं। यह शहर समुद्र सतह से लगभग 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जिससे यहां की हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और बाहरी लोगों के लिए यहां आना और रहना कठिन होता है। इसके अलावा, ल्हासा में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिबंधों के कारण इसे बाहरी लोगों के लिए सीमित और नियंत्रित क्षेत्र माना जाता रहा है, इसलिए इसे 'निषिद्ध' कहा गया है