वसा शरीर के लिए ऊर्जा का दूसरा प्रमुख स्रोत है और यह शरीर में ऊर्जा को संग्रहित करने का कार्य भी करता है। रासायनिक रूप से वसा कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बनी होती है, परंतु इसमें ऑक्सीजन की मात्रा कार्बोहाइड्रेट की तुलना में कम होती है।
वसा दो प्रकार की होती है — संतृप्त (Saturated) और असंतृप्त (Unsaturated)।
संतृप्त वसा मुख्य रूप से पशु स्रोतों जैसे मक्खन, घी और मांस में पाई जाती है, जबकि असंतृप्त वसा वनस्पति तेलों जैसे मूंगफली, सूरजमुखी, और सरसों के तेल में पाई जाती है।
वसा शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ विटामिन A, D, E, K के अवशोषण में भी मदद करती है।
हालाँकि, वसा का अधिक सेवन हृदय रोग, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण बन सकता है।
संतुलित मात्रा में वसा शरीर के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।