Q. किस ब्रिटिश गवर्नर-जनरल ने भारत में चूक नीति की शुरुआत की थी?
✅ Correct Answer: (C)
लॉर्ड डलहौजी
Explanation:
चूक नीति (Doctrine of Lapse) भारत में लॉर्ड डलहौज़ी (Lord Dalhousie) ने शुरू की थी।
- यह एक प्रशासनिक नीति थी, जिसके तहत यदि किसी भारतीय रियासत के शासक की कोई प्राकृतिक संतान नहीं होती थी, तो उसकी रियासत को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता था।
- इस नीति के तहत कई रियासतें ब्रिटिश शासन में समाहित हो गईं, जैसे झाँसी, सतारा, नागपुर, उदयपुर, और अवध।
- यह नीति भारतीय शासकों में असंतोष का कारण बनी और 1857 के विद्रोह (First War of Independence) के प्रमुख कारणों में से एक थी।
Explanation by: Tina Singh
चूक नीति (Doctrine of Lapse) भारत में लॉर्ड डलहौज़ी (Lord Dalhousie) ने शुरू की थी।
- यह एक प्रशासनिक नीति थी, जिसके तहत यदि किसी भारतीय रियासत के शासक की कोई प्राकृतिक संतान नहीं होती थी, तो उसकी रियासत को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता था।
- इस नीति के तहत कई रियासतें ब्रिटिश शासन में समाहित हो गईं, जैसे झाँसी, सतारा, नागपुर, उदयपुर, और अवध।
- यह नीति भारतीय शासकों में असंतोष का कारण बनी और 1857 के विद्रोह (First War of Independence) के प्रमुख कारणों में से एक थी।