Explanation: योजना आयोग (Planning Commission) का उपाध्यक्ष (Vice Chairman) भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा (Status) रखता था।
हालांकि, यह एक संवैधानिक पद नहीं था, लेकिन नीति निर्माण में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण थी।
योजना आयोग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे, और उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा प्राप्त था।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(B) संसदीय समिति के अध्यक्ष के समान – संसदीय समिति के अध्यक्ष को इतनी उच्च वरीयता नहीं दी जाती।
(C) सुप्रीम कोर्ट के जज के समान – यह न्यायपालिका से संबंधित है, जबकि योजना आयोग कार्यकारी शाखा का हिस्सा था।
(D) भारत सरकार के सचिव के समान – सचिव का दर्जा कैबिनेट मंत्री से कम होता है, जबकि योजना आयोग के उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के बराबर माना जाता था।
नोट:
2015 में योजना आयोग को भंग कर दिया गया और इसकी जगह नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना की गई, जिसमें अब CEO (Chief Executive Officer) का पद होता है, जिसे भारत सरकार के सचिव के समान दर्जा प्राप्त है।
इसलिए, योजना आयोग के उपाध्यक्ष को भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा प्राप्त था।
सही उत्तर: (A) भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान।
Explanation by: Mr. Dubey
हालांकि, यह एक संवैधानिक पद नहीं था, लेकिन नीति निर्माण में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण थी।
योजना आयोग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे, और उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा प्राप्त था।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(B) संसदीय समिति के अध्यक्ष के समान – संसदीय समिति के अध्यक्ष को इतनी उच्च वरीयता नहीं दी जाती।
(C) सुप्रीम कोर्ट के जज के समान – यह न्यायपालिका से संबंधित है, जबकि योजना आयोग कार्यकारी शाखा का हिस्सा था।
(D) भारत सरकार के सचिव के समान – सचिव का दर्जा कैबिनेट मंत्री से कम होता है, जबकि योजना आयोग के उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के बराबर माना जाता था।
नोट:
2015 में योजना आयोग को भंग कर दिया गया और इसकी जगह नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना की गई, जिसमें अब CEO (Chief Executive Officer) का पद होता है, जिसे भारत सरकार के सचिव के समान दर्जा प्राप्त है।
इसलिए, योजना आयोग के उपाध्यक्ष को भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा प्राप्त था।
सही उत्तर: (A) भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान।