Explanation: 37 वें संविधान संशोधन 1975 के द्वारा अनुच्छेद 239-ए और 240 में संशोधन किया गया जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश को केन्द्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसके लिए विधान सभा तथा मंत्रिपरिषद् के गठन की व्यवस्था की गई।
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Explanation: 37 वें संविधान संशोधन 1975 के द्वारा अनुच्छेद 239-ए और 240 में संशोधन किया गया जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश को केन्द्र शासित प्रदेश घोषित किया गया और इसके लिए विधान सभा तथा मंत्रिपरिषद् के गठन की व्यवस्था की गई।
Explanation: वह सदन राज्यसभा है। राज्यसभा का अध्यक्ष, जिसे सभापति कहा जाता है, भारत का उपराष्ट्रपति होता है। भारतीय संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदस्य नहीं होता है, लेकिन वह पदेन सभापति के रूप में सदन की अध्यक्षता करता है।
यहां राज्यसभा के अध्यक्ष के बारे में कुछ अतिरिक्त जानकारी दी गई है:
-- चुनाव: भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
-- कार्यकाल: उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
-- भूमिका: राज्यसभा के सभापति के रूप में, उपराष्ट्रपति सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करता है, सदन में व्यवस्था बनाए रखता है, और सदस्यों के अधिकारों और विशेषाधिकारों की रक्षा करता है।
-- निर्णायक मत: यदि किसी मुद्दे पर राज्यसभा में मत बराबर हो जाते हैं, तो सभापति निर्णायक मत डाल सकता है।
Explanation: अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति को राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा जारी करने का अधिकार देता है। यदि राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें किसी राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलने में सक्षम न हो तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 356 का उपयोग कर राष्ट्रपति शासन लगा सकता है।
Explanation: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239A और 240 में संशोधन के बाद अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम को केंद्रशासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया।
संशोधन: 1971 में संविधान (27वां संशोधन) अधिनियम, 1971 के तहत अरुणाचल प्रदेश को एक केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया।
राज्य का गठन: बाद में, संविधान (55वां संशोधन) अधिनियम, 1986 के द्वारा अरुणाचल प्रदेश को 20 फरवरी 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(A) छत्तीसगढ़ – 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर बना।
(B) सिक्किम – 1975 में भारत का 22वां राज्य बना, लेकिन अनुच्छेद 239A और 240 से संबंधित नहीं है।
(C) उत्तराखंड – 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना।
इसलिए, सही उत्तर है (D) अरुणाचल प्रदेश।
Explanation: अनुच्छेद 31C और 25वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1971
25वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 के तहत अनुच्छेद 31C को भारतीय संविधान में जोड़ा गया।
यह संशोधन न्यायिक समीक्षा की सीमा को कम करने और समाजवाद को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।
अनुच्छेद 31C के तहत, यदि कोई कानून अनुच्छेद 39(b) और 39(c) (राज्य के नीति निर्देशक तत्वों) को लागू करने के लिए बनाया जाता है, तो उसे अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19 (स्वतंत्रता का अधिकार) के उल्लंघन के आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(A) 17वाँ संशोधन (1964) – कृषि भूमि सुधार कानूनों को 9वीं अनुसूची में जोड़ा गया।
(C) 20वाँ संशोधन (1966) – न्यायपालिका में अस्थायी नियुक्तियों को वैध किया गया।
(D) 26वाँ संशोधन (1971) – राजाओं के प्रिवी पर्स (Privy Purse) को समाप्त किया गया।
इसलिए, सही उत्तर है (B) 25वाँ संशोधन।
Explanation: 86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 और अनुच्छेद 21A
86वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के तहत अनुच्छेद 21A जोड़ा गया।
इसके तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया।
यह शिक्षा का अधिकार (Right to Education - RTE) अधिनियम, 2009 का आधार बना।
यह संशोधन संविधान के नीति निर्देशक तत्वों (अनुच्छेद 45) को मौलिक अधिकार में परिवर्तित करने का महत्वपूर्ण कदम था।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(A) 2005, (B) 2003, और (C) 2004 – ये वर्ष 86वें संशोधन से संबंधित नहीं हैं।
हालांकि, RTE अधिनियम 2009 में लागू हुआ और 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी हुआ।
इसलिए, सही उत्तर है (D) 2002।
Explanation: राज्यपाल से संबंधित अनुच्छेद:
भारतीय संविधान में अनुच्छेद 153 से 162 तक राज्यपाल (Governor) से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
महत्वपूर्ण अनुच्छेद:
अनुच्छेद 153 – प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होगा।
अनुच्छेद 154 – कार्यकारी शक्ति राज्यपाल में निहित होगी।
अनुच्छेद 155 – राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
अनुच्छेद 156 – राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होगा।
अनुच्छेद 157 – राज्यपाल पद के लिए योग्यताएँ।
अनुच्छेद 158 – राज्यपाल के पद की शर्तें।
अनुच्छेद 159 – राज्यपाल की शपथ।
अनुच्छेद 160 – राष्ट्रपति राज्यपाल को अतिरिक्त कार्य सौंप सकता है।
अनुच्छेद 161 – राज्यपाल को क्षमा, दंड माफी, निलंबन, या दंड उपशम की शक्ति होगी।
अनुच्छेद 162 – राज्य की कार्यकारी शक्ति की सीमा।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(B) 168 – 177 – राज्य विधानमंडल (State Legislature) से संबंधित है।
(C) 188 – 191 – राज्य विधान सभा के सदस्यों की शपथ और अयोग्यता से संबंधित है।
(D) 196 – 201 – राज्य विधानमंडल में विधेयकों और राज्यपाल की शक्तियों से संबंधित है।
इसलिए, सही उत्तर है (A) 153 – 162।
Explanation: अनुच्छेद 31C और 25वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1971
25वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 के तहत अनुच्छेद 31C को भारतीय संविधान में जोड़ा गया।
यह संशोधन न्यायिक समीक्षा की सीमा को कम करने और समाजवाद को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।
अनुच्छेद 31C के तहत, यदि कोई कानून अनुच्छेद 39(b) और 39(c) (राज्य के नीति निर्देशक तत्वों) को लागू करने के लिए बनाया जाता है, तो उसे अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19 (स्वतंत्रता का अधिकार) के उल्लंघन के आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(A) 17वाँ संशोधन (1964) – कृषि भूमि सुधार कानूनों को 9वीं अनुसूची में जोड़ा गया।
(C) 20वाँ संशोधन (1966) – न्यायपालिका में अस्थायी नियुक्तियों को वैध किया गया।
(D) 26वाँ संशोधन (1971) – राजाओं के प्रिवी पर्स (Privy Purse) को समाप्त किया गया।
इसलिए, सही उत्तर है (B) 25वाँ संशोधन।
Explanation: योजना आयोग (Planning Commission) का उपाध्यक्ष (Vice Chairman) भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा (Status) रखता था।
हालांकि, यह एक संवैधानिक पद नहीं था, लेकिन नीति निर्माण में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण थी।
योजना आयोग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे, और उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा प्राप्त था।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(B) संसदीय समिति के अध्यक्ष के समान – संसदीय समिति के अध्यक्ष को इतनी उच्च वरीयता नहीं दी जाती।
(C) सुप्रीम कोर्ट के जज के समान – यह न्यायपालिका से संबंधित है, जबकि योजना आयोग कार्यकारी शाखा का हिस्सा था।
(D) भारत सरकार के सचिव के समान – सचिव का दर्जा कैबिनेट मंत्री से कम होता है, जबकि योजना आयोग के उपाध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के बराबर माना जाता था।
नोट:
2015 में योजना आयोग को भंग कर दिया गया और इसकी जगह नीति आयोग (NITI Aayog) की स्थापना की गई, जिसमें अब CEO (Chief Executive Officer) का पद होता है, जिसे भारत सरकार के सचिव के समान दर्जा प्राप्त है।
इसलिए, योजना आयोग के उपाध्यक्ष को भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा प्राप्त था।
सही उत्तर: (A) भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री के समान।
Explanation: "धर्मनिरपेक्ष" (Secular) शब्द भारतीय संविधान की उद्देशिका (Preamble) में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के तहत जोड़ा गया था।
इस संशोधन के तहत "समाजवादी" (Socialist) और "धर्मनिरपेक्ष" (Secular) शब्दों को भी प्रस्तावना में जोड़ा गया।
इसका उद्देश्य भारत को किसी भी धर्म विशेष से अलग, सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण रखने वाला और धार्मिक स्वतंत्रता देने वाला राज्य बनाना था।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(A) 73वां संशोधन (1992) – यह संशोधन पंचायती राज प्रणाली से संबंधित था।
(B) कार्यान्वयन की तिथि से – मूल संविधान (1950) में "धर्मनिरपेक्ष" शब्द नहीं था।
(D) 44वां संशोधन (1978) – यह संशोधन अनुच्छेद 19 और संपत्ति के अधिकार में बदलाव से संबंधित था, लेकिन "धर्मनिरपेक्ष" शब्द से संबंधित नहीं था।
इसलिए, सही उत्तर है (C) 42वें संशोधन के बाद।
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