Q. इनमे से किसी राजा राम मोहन राय संबंधित नहीं है ?
✅ Correct Answer: (C)
संस्कृत शिक्षा
Explanation:
राजा राम मोहन राय सती प्रथा उन्मूलन (1829) और अंग्रेजी शिक्षा के पक्षधर थे।
- उन्होंने भारतीय समाज में सुधार लाने के लिए "ब्रह्म समाज" की स्थापना की और पश्चिमी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- लेकिन विधवा पुनर्विवाह से वे सीधे जुड़े नहीं थे।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) अंग्रेजी शिक्षा – राजा राम मोहन राय ने पश्चिमी शिक्षा और अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा दिया।
- (B) सती प्रथा – उन्होंने सती प्रथा के खिलाफ आंदोलन चलाया, जिसके बाद लॉर्ड विलियम बैंटिक ने 1829 में इसे प्रतिबंधित किया।
- (C) संस्कृत शिक्षा – उन्होंने संस्कृत की पारंपरिक शिक्षा का विरोध किया, क्योंकि वे पश्चिमी और वैज्ञानिक शिक्षा को प्राथमिकता देते थे।
विधवा पुनर्विवाह:
- विधवा पुनर्विवाह आंदोलन का श्रेय ईश्वरचंद्र विद्यासागर को जाता है, जिनके प्रयासों से 1856 में "विधवा पुनर्विवाह अधिनियम" पारित हुआ।
निष्कर्ष:
राजा राम मोहन राय विधवा पुनर्विवाह से सीधे संबंधित नहीं थे।
इसलिए सही उत्तर (D) विधवा पुनर्विवाह है।
Explanation by: Official MCQ Buddy
राजा राम मोहन राय सती प्रथा उन्मूलन (1829) और अंग्रेजी शिक्षा के पक्षधर थे।
- उन्होंने भारतीय समाज में सुधार लाने के लिए "ब्रह्म समाज" की स्थापना की और पश्चिमी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
- लेकिन विधवा पुनर्विवाह से वे सीधे जुड़े नहीं थे।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) अंग्रेजी शिक्षा – राजा राम मोहन राय ने पश्चिमी शिक्षा और अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा दिया।
- (B) सती प्रथा – उन्होंने सती प्रथा के खिलाफ आंदोलन चलाया, जिसके बाद लॉर्ड विलियम बैंटिक ने 1829 में इसे प्रतिबंधित किया।
- (C) संस्कृत शिक्षा – उन्होंने संस्कृत की पारंपरिक शिक्षा का विरोध किया, क्योंकि वे पश्चिमी और वैज्ञानिक शिक्षा को प्राथमिकता देते थे।
विधवा पुनर्विवाह:
- विधवा पुनर्विवाह आंदोलन का श्रेय ईश्वरचंद्र विद्यासागर को जाता है, जिनके प्रयासों से 1856 में "विधवा पुनर्विवाह अधिनियम" पारित हुआ।
निष्कर्ष:
राजा राम मोहन राय विधवा पुनर्विवाह से सीधे संबंधित नहीं थे।
इसलिए सही उत्तर (D) विधवा पुनर्विवाह है।