📊 History
Q. आर्यों का प्रारम्भिक जीवन निर्भर थाः?
  • (A) कृषि पर
  • (B) पशुचरण पर
  • (C) कुटीर उद्योगों पर
  • (D) शिकार पर
✅ Correct Answer: (B) पशुचरण पर

Explanation:

प्रारंभिक आर्य जाति का जीवन पशुपालन और पशुचरण पर निर्भर था। वे मुख्य रूप से गाय, बैल, बकरियाँ और घोड़े पालते थे, और उनका जीवन मवेशियों के चलने-फिरने और उनके दूध, मांस, ऊन आदि के उत्पादन पर आधारित था।
ऋग्वेद में कई स्थानों पर पशुपालन का उल्लेख मिलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आर्य लोग मुख्य रूप से घरेलू और कृषि के अलावा, पशु पालने से अपनी आजीविका चलाते थे।

इसके अलावा, आर्य सभ्यता के विकास में पशुओं का मूल्य और सम्मान दोनों महत्वपूर्ण थे।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

(A) कृषि पर:
आर्य समाज के प्रारंभिक चरण में कृषि का विकास बाद में हुआ। प्रारंभ में उनका मुख्य ध्यान पशुपालन पर था। कृषि को धीरे-धीरे वेदों और अन्य ग्रंथों में महत्वपूर्ण स्थान मिलने लगा।

(C) कुटीर उद्योगों पर:
कुटीर उद्योगों का विकास आर्य समाज के विकास के बाद हुआ, लेकिन प्रारंभ में उनका जीवन पशु पालन और शिकार पर अधिक निर्भर था।

(D) शिकार पर:
आर्य लोग शिकार करते थे, लेकिन यह उनका प्रमुख व्यवसाय नहीं था। शिकार के बजाय उनका मुख्य ध्यान पशु पालन और गायों की देखभाल पर था।

निष्कर्ष:

आर्य समाज का प्रारंभिक जीवन मुख्य रूप से पशुचरण पर निर्भर था।

Explanation by: Mr. Dubey

प्रारंभिक आर्य जाति का जीवन पशुपालन और पशुचरण पर निर्भर था। वे मुख्य रूप से गाय, बैल, बकरियाँ और घोड़े पालते थे, और उनका जीवन मवेशियों के चलने-फिरने और उनके दूध, मांस, ऊन आदि के उत्पादन पर आधारित था।
ऋग्वेद में कई स्थानों पर पशुपालन का उल्लेख मिलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आर्य लोग मुख्य रूप से घरेलू और कृषि के अलावा, पशु पालने से अपनी आजीविका चलाते थे।

इसके अलावा, आर्य सभ्यता के विकास में पशुओं का मूल्य और सम्मान दोनों महत्वपूर्ण थे।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

(A) कृषि पर:
आर्य समाज के प्रारंभिक चरण में कृषि का विकास बाद में हुआ। प्रारंभ में उनका मुख्य ध्यान पशुपालन पर था। कृषि को धीरे-धीरे वेदों और अन्य ग्रंथों में महत्वपूर्ण स्थान मिलने लगा।

(C) कुटीर उद्योगों पर:
कुटीर उद्योगों का विकास आर्य समाज के विकास के बाद हुआ, लेकिन प्रारंभ में उनका जीवन पशु पालन और शिकार पर अधिक निर्भर था।

(D) शिकार पर:
आर्य लोग शिकार करते थे, लेकिन यह उनका प्रमुख व्यवसाय नहीं था। शिकार के बजाय उनका मुख्य ध्यान पशु पालन और गायों की देखभाल पर था।

निष्कर्ष:

आर्य समाज का प्रारंभिक जीवन मुख्य रूप से पशुचरण पर निर्भर था।

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