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Q. जैनागम में कहा गया है कि वस्तु का स्वभाव ही उसका धर्महै, जिसे निश्चयनय कहा है; इसके साथ ही तीन रत्न भी बताए गए हैं | यह तीन रत्न हैंः ?
  • (A) क्षमा, मार्दव और आर्जव
  • (B) सम्यक् दर्शन , सम्यक् ज्ञान तथा सम्यक् चरित्र
  • (C) सत्य, पवित्रता और संयम
  • (D) दान , सेवा और अहिंसा
✅ Correct Answer: (B) सम्यक् दर्शन , सम्यक् ज्ञान तथा सम्यक् चरित्र

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Krishna Sharma
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