📊 History
Q. बुद्ध और मीराबाई के जीवन दर्शन में मुख्य सम्य क्या था ?
  • (A) निर्वाण हेतु तपस्या
  • (B) सत्य बोलना
  • (C) अहिंसा व्रत का पालन
  • (D) संसार दुः खपूर्ण है
✅ Correct Answer: (D) संसार दुः खपूर्ण है

Explanation:

बुद्ध और मीराबाई दोनों का जीवन दर्शन संसार के दुःखपूर्ण होने और इससे मुक्ति प्राप्त करने पर आधारित था, हालांकि उनके दृष्टिकोण और अभ्यास में अंतर था।

बुद्ध:

  • बुद्ध (गौतम बुद्ध) का जीवन दर्शन मुख्य रूप से दुःख (दुःख के चार आर्य सत्य) और उससे मुक्ति (निर्वाण) पर आधारित था।
  • उन्होंने संसार के दुःखों का सामना करने और उन्हें समाप्त करने के लिए आठfold मार्ग (आठ अंग मार्ग) को बताया, जिसका पालन करके व्यक्ति दुःख से मुक्ति पा सकता है।

मीराबाई:

  • मीराबाई का जीवन दर्शन मुख्य रूप से भगवान के प्रेम और भक्ति पर आधारित था।
  • उन्होंने संसारिक बंधनों और दुःखों को नकारते हुए भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपने अडिग प्रेम को प्राथमिकता दी।

दोनों ने यह माना कि संसार दुःखपूर्ण है, और मुक्ति पाने का रास्ता आध्यात्मिक साधना और ईश्वर के प्रति भक्ति के माध्यम से है।

Explanation by: Mr. Dubey

बुद्ध और मीराबाई दोनों का जीवन दर्शन संसार के दुःखपूर्ण होने और इससे मुक्ति प्राप्त करने पर आधारित था, हालांकि उनके दृष्टिकोण और अभ्यास में अंतर था।

बुद्ध:

  • बुद्ध (गौतम बुद्ध) का जीवन दर्शन मुख्य रूप से दुःख (दुःख के चार आर्य सत्य) और उससे मुक्ति (निर्वाण) पर आधारित था।
  • उन्होंने संसार के दुःखों का सामना करने और उन्हें समाप्त करने के लिए आठfold मार्ग (आठ अंग मार्ग) को बताया, जिसका पालन करके व्यक्ति दुःख से मुक्ति पा सकता है।

मीराबाई:

  • मीराबाई का जीवन दर्शन मुख्य रूप से भगवान के प्रेम और भक्ति पर आधारित था।
  • उन्होंने संसारिक बंधनों और दुःखों को नकारते हुए भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपने अडिग प्रेम को प्राथमिकता दी।

दोनों ने यह माना कि संसार दुःखपूर्ण है, और मुक्ति पाने का रास्ता आध्यात्मिक साधना और ईश्वर के प्रति भक्ति के माध्यम से है।

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