Q. चूने के पानी में कार्बन डाइ-ऑक्साइड प्रवाहित करने पर विलयन दूधिया हो जाता है, परन्तु लम्बे समय तक प्रवाहित करने पर विलयन साफ हो जाता है। इसका कारण यह है कि

  • (A) और अधिक कार्बन डाइ-ऑक्साइड प्रवाहित करने पर प्रारम्भ में बना कैल्सियम कार्बोनेट घुलनशील कैल्सियम बाइकार्बोनेट में रूपान्तरित हो जाता है
  • (B) अभिक्रिया उत्क्रमणीय है और चूने का पानी फिर से बन जाता है।
  • (C) और अधिक कार्बन डाइ-ऑक्साइड प्रवाहित करने पर, प्रारम्भ में बना कैल्सियम कार्बोनेट घुलनशील कैल्सियम बाइकार्बोनेट में रूपान्तरित हो जाता है
  • (D) प्रारम्भ में बना अघुलनशील यौगिक, कार्बोनेट अम्ल में घुलनशील होता है
✅ Correct Answer: (C) और अधिक कार्बन डाइ-ऑक्साइड प्रवाहित करने पर, प्रारम्भ में बना कैल्सियम कार्बोनेट घुलनशील कैल्सियम बाइकार्बोनेट में रूपान्तरित हो जाता है

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