Explanation:
OTE (Ocean Thermal Energy) एक गैर-पारंपरिक (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोत है, जिसमें महासागर के गर्म सतही पानी और ठंडे गहरे पानी के बीच के तापमान अंतर का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है। इसे Ocean Thermal Energy Conversion (OTEC) प्रणाली कहा जाता है।
OTE (Ocean Thermal Energy) कैसे काम करता है?
- महासागर की सतह का पानी सूर्य के कारण गर्म होता है, जबकि गहरे पानी में तापमान ठंडा रहता है।
- इस तापमान के अंतर का उपयोग एक ऊष्मा इंजन (Heat Engine) में किया जाता है।
- यह इंजन वाष्प उत्पन्न करता है, जो टरबाइन को घुमाता है और बिजली उत्पन्न करता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
❌ (A) Other Thermal Energy:
- यह कोई मान्य तकनीकी शब्द नहीं है।
❌ (C) Ocean Tidal Energy:
- ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy) समुद्र की लहरों और ज्वार-भाटा पर आधारित होती है, जबकि OTE तापीय ऊर्जा पर आधारित होती है।
❌ (D) Ocean Tidal Electricity:
- यह ज्वारीय ऊर्जा से संबंधित है, जो OTE से अलग है।
इसलिए, सही उत्तर है:
(B) Ocean Thermal Energy (महासागरीय तापीय ऊर्जा)
Explanation by: Vijay Sangwan
OTE (Ocean Thermal Energy) एक गैर-पारंपरिक (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोत है, जिसमें महासागर के गर्म सतही पानी और ठंडे गहरे पानी के बीच के तापमान अंतर का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है। इसे Ocean Thermal Energy Conversion (OTEC) प्रणाली कहा जाता है।
OTE (Ocean Thermal Energy) कैसे काम करता है?
- महासागर की सतह का पानी सूर्य के कारण गर्म होता है, जबकि गहरे पानी में तापमान ठंडा रहता है।
- इस तापमान के अंतर का उपयोग एक ऊष्मा इंजन (Heat Engine) में किया जाता है।
- यह इंजन वाष्प उत्पन्न करता है, जो टरबाइन को घुमाता है और बिजली उत्पन्न करता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
❌ (A) Other Thermal Energy:
- यह कोई मान्य तकनीकी शब्द नहीं है।
❌ (C) Ocean Tidal Energy:
- ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy) समुद्र की लहरों और ज्वार-भाटा पर आधारित होती है, जबकि OTE तापीय ऊर्जा पर आधारित होती है।
❌ (D) Ocean Tidal Electricity:
- यह ज्वारीय ऊर्जा से संबंधित है, जो OTE से अलग है।
इसलिए, सही उत्तर है:
(B) Ocean Thermal Energy (महासागरीय तापीय ऊर्जा)