Q. एक भारहीन रबड़ के डिब्बे गुब्बारे में 100 ग्राम जल है जल में उसका वजन होगा।
✅ Correct Answer: (D)
शून्य / Zero
Explanation:
जब एक भारहीन रबर का डिब्बा (गुब्बारा) पानी में डुबोया जाता है और उसमें 100 ग्राम जल होता है, तो उसे जल में कोई अतिरिक्त बल महसूस नहीं होगा, क्योंकि:
- डिब्बा भारहीन है → इसका स्वयं का कोई भार नहीं है।
- डिब्बे के अंदर और बाहर पानी का घनत्व समान है → अर्थात, डिब्बा पूरी तरह से पानी से भरा हुआ है।
- आर्किमिडीज़ का सिद्धांत (Archimedes' Principle) कहता है कि किसी भी वस्तु पर लगे उत्प्लावन बल (Buoyant Force) का परिमाण विस्थापित किए गए द्रव के भार के बराबर होता है।
- यहाँ डिब्बे का जल भी जल के समान घनत्व का है, इसलिए कोई उत्प्लावन बल उत्पन्न नहीं होगा, और वजन प्रभावी रूप से शून्य हो जाएगा।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
❌ (A) 50 ग्राम:
- भार को आधा करने का कोई आधार नहीं है।
❌ (B) 100 ग्राम:
- जल में वस्तु का भार प्रभावी रूप से घट जाता है यदि वह पूर्ण रूप से जल से भरी हो।
❌ (C) 200 ग्राम:
- कोई अतिरिक्त भार नहीं जोड़ा गया है, इसलिए यह गलत है।
इसलिए, सही उत्तर है:
(D) शून्य / Zero
Explanation by: Vijay Sangwan
जब एक भारहीन रबर का डिब्बा (गुब्बारा) पानी में डुबोया जाता है और उसमें 100 ग्राम जल होता है, तो उसे जल में कोई अतिरिक्त बल महसूस नहीं होगा, क्योंकि:
- डिब्बा भारहीन है → इसका स्वयं का कोई भार नहीं है।
- डिब्बे के अंदर और बाहर पानी का घनत्व समान है → अर्थात, डिब्बा पूरी तरह से पानी से भरा हुआ है।
- आर्किमिडीज़ का सिद्धांत (Archimedes' Principle) कहता है कि किसी भी वस्तु पर लगे उत्प्लावन बल (Buoyant Force) का परिमाण विस्थापित किए गए द्रव के भार के बराबर होता है।
- यहाँ डिब्बे का जल भी जल के समान घनत्व का है, इसलिए कोई उत्प्लावन बल उत्पन्न नहीं होगा, और वजन प्रभावी रूप से शून्य हो जाएगा।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
❌ (A) 50 ग्राम:
- भार को आधा करने का कोई आधार नहीं है।
❌ (B) 100 ग्राम:
- जल में वस्तु का भार प्रभावी रूप से घट जाता है यदि वह पूर्ण रूप से जल से भरी हो।
❌ (C) 200 ग्राम:
- कोई अतिरिक्त भार नहीं जोड़ा गया है, इसलिए यह गलत है।
इसलिए, सही उत्तर है:
(D) शून्य / Zero