Q. किस आचार्या ने रस को इस प्रकार परिभाषित किया हैं?
“विभावानुभाव्यभिचारीसंयोगद्स्निस्पत्ति”
“विभावानुभाव्यभिचारीसंयोगद्स्निस्पत्ति”
✅ Correct Answer: (B)
आचार्या भरत
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