📊 History
Q. 1838 में बंगाल में ‘भूमिधारियों की सोसाइटी’ का गठन किया गया था। इस गठन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
  • (A) सरकार की नस्ल भेद नीति का विरोध करना
  • (B) कर मुक्त भूमि के अधिग्रहण का विरोध करना
  • (C) सरकार की भूराजस्व व्यवस्था का विरोध करना
  • (D) किसानों के हितों का समर्थन करना
✅ Correct Answer: (B) कर मुक्त भूमि के अधिग्रहण का विरोध करना

Explanation:

1838 में बंगाल में 'भूमिधारियों की सोसाइटी' (Landholders' Society) का गठन किया गया था। यह भारत की पहली ज़मींदार संगठन थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भूमि-स्वामियों (जमींदारों) के हितों की रक्षा करना था।

उद्देश्य:

  • इस सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार की भूराजस्व (Land Revenue) व्यवस्था का विरोध करना था।
  • ज़मींदारों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके हितों को बढ़ावा देना इसका प्रमुख लक्ष्य था।
  • ब्रिटिश सरकार की उन नीतियों का विरोध करना, जिनसे जमींदारों के अधिकारों और लाभों को हानि पहुँचती थी।

सही उत्तर: (C) सरकार की भूराजस्व व्यवस्था का विरोध करना

Explanation by: Ram Sharma

1838 में बंगाल में 'भूमिधारियों की सोसाइटी' (Landholders' Society) का गठन किया गया था। यह भारत की पहली ज़मींदार संगठन थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भूमि-स्वामियों (जमींदारों) के हितों की रक्षा करना था।

उद्देश्य:

  • इस सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार की भूराजस्व (Land Revenue) व्यवस्था का विरोध करना था।
  • ज़मींदारों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके हितों को बढ़ावा देना इसका प्रमुख लक्ष्य था।
  • ब्रिटिश सरकार की उन नीतियों का विरोध करना, जिनसे जमींदारों के अधिकारों और लाभों को हानि पहुँचती थी।

सही उत्तर: (C) सरकार की भूराजस्व व्यवस्था का विरोध करना

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