Q. “1857 से पहले के विस्फोट, सैनिक अथवा असैनिक वास्तव में एक ही शृंखला की कड़ियाँ थीं। पहले पृथक-पृथक् उफान मिलकर 1857 का विस्फोट और फिर दावानल बन गया।“ यह कथन किसका है?
✅ Correct Answer: (C)
आर. सी. मजूमदार
Explanation:
इस कथन—
"1857 से पहले के विस्फोट, सैनिक अथवा असैनिक वास्तव में एक ही शृंखला की कड़ियाँ थीं। पहले पृथक-पृथक् उफान मिलकर 1857 का विस्फोट और फिर दावानल बन गया।"
—का उल्लेख प्रसिद्ध इतिहासकार एस. एन. सेन (S.N. Sen) ने किया था।
संदर्भ:
- एस. एन. सेन ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (First War of Independence) पर विस्तार से अध्ययन किया था।
- उनका मानना था कि 1857 से पहले भारत में जो भी सैनिक और असैनिक विद्रोह हुए, वे सभी घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी थीं।
- ये सभी विद्रोह अंततः 1857 के व्यापक विद्रोह का आधार बने, जो बाद में एक दावानल की तरह पूरे देश में फैल गया।
सही उत्तर: (B) एस. एन. सेन
Explanation by: Ram Sharma
इस कथन—
"1857 से पहले के विस्फोट, सैनिक अथवा असैनिक वास्तव में एक ही शृंखला की कड़ियाँ थीं। पहले पृथक-पृथक् उफान मिलकर 1857 का विस्फोट और फिर दावानल बन गया।"
—का उल्लेख प्रसिद्ध इतिहासकार एस. एन. सेन (S.N. Sen) ने किया था।
संदर्भ:
- एस. एन. सेन ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (First War of Independence) पर विस्तार से अध्ययन किया था।
- उनका मानना था कि 1857 से पहले भारत में जो भी सैनिक और असैनिक विद्रोह हुए, वे सभी घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी थीं।
- ये सभी विद्रोह अंततः 1857 के व्यापक विद्रोह का आधार बने, जो बाद में एक दावानल की तरह पूरे देश में फैल गया।
सही उत्तर: (B) एस. एन. सेन