Q. कलिंग के युद्ध की विजय तथा क्षत्रियों का वर्णन अशोक के किस शिलालेख में है?
✅ Correct Answer: (D)
शिलालेख XIII
Explanation:
कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) की विजय और उसके बाद अशोक के पश्चाताप तथा क्षत्रियों के वर्णन का उल्लेख अशोक के तेरहवें शिलालेख (शिलालेख XIII) में मिलता है।
शिलालेख XIII का महत्व:
- इस शिलालेख में अशोक ने कलिंग युद्ध की भयावहता, उसमें हुई हिंसा, मृत्यु, और विनाश का वर्णन किया है।
- अशोक ने बताया कि इस युद्ध में लगभग 1 लाख लोग मारे गए, 1.5 लाख लोग बंदी बनाए गए, और कई लोग पीड़ित हुए।
- इस युद्ध के बाद अशोक को गहरा पश्चाताप हुआ, और उन्होंने धम्म नीति अपनाई।
- उन्होंने युद्ध छोड़कर अहिंसा, करुणा, और धर्म के प्रचार का संकल्प लिया।
- अशोक ने आगे उल्लेख किया कि उन्होंने क्षत्रियों और अन्य जनसमुदायों को धम्म का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
सही उत्तर: (D) शिलालेख XIII
Explanation by: Ram Sharma
कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) की विजय और उसके बाद अशोक के पश्चाताप तथा क्षत्रियों के वर्णन का उल्लेख अशोक के तेरहवें शिलालेख (शिलालेख XIII) में मिलता है।
शिलालेख XIII का महत्व:
- इस शिलालेख में अशोक ने कलिंग युद्ध की भयावहता, उसमें हुई हिंसा, मृत्यु, और विनाश का वर्णन किया है।
- अशोक ने बताया कि इस युद्ध में लगभग 1 लाख लोग मारे गए, 1.5 लाख लोग बंदी बनाए गए, और कई लोग पीड़ित हुए।
- इस युद्ध के बाद अशोक को गहरा पश्चाताप हुआ, और उन्होंने धम्म नीति अपनाई।
- उन्होंने युद्ध छोड़कर अहिंसा, करुणा, और धर्म के प्रचार का संकल्प लिया।
- अशोक ने आगे उल्लेख किया कि उन्होंने क्षत्रियों और अन्य जनसमुदायों को धम्म का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
सही उत्तर: (D) शिलालेख XIII