Explanation:
पानीपत का तीसरा युद्ध 14 जनवरी 1761 को लड़ा गया था।
- यह युद्ध अहमद शाह अब्दाली (अफगान शासक) और मराठा साम्राज्य के बीच हुआ था।
- मराठाओं का नेतृत्व पेशवा के भाई सदाशिवराव भाऊ और विष्वासराव कर रहे थे।
- यह युद्ध बहुत ही भीषण और विनाशकारी था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे।
- इस युद्ध में मराठों की पराजय हुई और यह घटना भारत में ब्रिटिश सत्ता के विस्तार के लिए एक रास्ता खोलने वाली मानी जाती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(A) 1556:
यह पानीपत का दूसरा युद्ध था, जो अकबर और हेमू के बीच लड़ा गया था।
(B) 1526:
यह पानीपत का पहला युद्ध था, जिसमें बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया और भारत में मुग़ल साम्राज्य की नींव रखी।
(C) 1739:
इस वर्ष में नादिर शाह ने भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा था, पानीपत युद्ध से संबंधित नहीं।
निष्कर्ष:
पानीपत का तीसरा युद्ध लड़ा गया था — (D) 1761 में।
Explanation by: Mr. Dubey
पानीपत का तीसरा युद्ध 14 जनवरी 1761 को लड़ा गया था।
- यह युद्ध अहमद शाह अब्दाली (अफगान शासक) और मराठा साम्राज्य के बीच हुआ था।
- मराठाओं का नेतृत्व पेशवा के भाई सदाशिवराव भाऊ और विष्वासराव कर रहे थे।
- यह युद्ध बहुत ही भीषण और विनाशकारी था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे।
- इस युद्ध में मराठों की पराजय हुई और यह घटना भारत में ब्रिटिश सत्ता के विस्तार के लिए एक रास्ता खोलने वाली मानी जाती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(A) 1556:
यह पानीपत का दूसरा युद्ध था, जो अकबर और हेमू के बीच लड़ा गया था।
(B) 1526:
यह पानीपत का पहला युद्ध था, जिसमें बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया और भारत में मुग़ल साम्राज्य की नींव रखी।
(C) 1739:
इस वर्ष में नादिर शाह ने भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा था, पानीपत युद्ध से संबंधित नहीं।
निष्कर्ष:
पानीपत का तीसरा युद्ध लड़ा गया था — (D) 1761 में।