Explanation:
पामीर का पठार 'दुनिया की छत' (Roof of the World) के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह विश्व के सबसे ऊँचे पठारों में से एक है और इसकी ऊँचाई बहुत अधिक है। यह पठार मध्य एशिया में स्थित है और इसकी रचना हिमालय, कराकोरम, तियान शान, कुनलुन और हिंदू कुश जैसी विशाल पर्वत श्रृंखलाओं के संगम से हुई है।
इतिहास में सबसे पहले 1833 में अंग्रेज़ खोजकर्ता जॉन वुड ने पामीर के लिए 'दुनिया की छत' शब्द का उपयोग किया था4। इसकी ऊँचाई, भौगोलिक स्थिति और कई बड़ी पर्वत श्रृंखलाओं के मिलने के कारण इसे यह उपनाम मिला है
Explanation by: Mr. Dubey
पामीर का पठार 'दुनिया की छत' (Roof of the World) के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह विश्व के सबसे ऊँचे पठारों में से एक है और इसकी ऊँचाई बहुत अधिक है। यह पठार मध्य एशिया में स्थित है और इसकी रचना हिमालय, कराकोरम, तियान शान, कुनलुन और हिंदू कुश जैसी विशाल पर्वत श्रृंखलाओं के संगम से हुई है।
इतिहास में सबसे पहले 1833 में अंग्रेज़ खोजकर्ता जॉन वुड ने पामीर के लिए 'दुनिया की छत' शब्द का उपयोग किया था4। इसकी ऊँचाई, भौगोलिक स्थिति और कई बड़ी पर्वत श्रृंखलाओं के मिलने के कारण इसे यह उपनाम मिला है