📊 History
Q. अष्टांगिक मार्ग की संकल्पना का अंग है।
  • (A) धर्मचक्रप्रवर्तन सूत्त के विषयवस्तु का
  • (B) दीपवंश के विषयवस्तु का
  • (C) दिव्यावदान के विषयवस्तु का
  • (D) महापरिनिर्वाण सूत्त के विषयवस्तु का
✅ Correct Answer: (A) धर्मचक्रप्रवर्तन सूत्त के विषयवस्तु का

Explanation: अष्टांग मार्ग भगवान बुद्ध की प्रमुख शिक्षाओं में से एक है जो दुखों से मुक्ति पाने एवं तथ्य-ज्ञान के साधन के रूप में बताया गया है। अष्टांग मार्ग के सभी 'मार्ग' , 'सम्यक' शब्द से आरम्भ होते हैं (सम्यक = अच्छी या सही)। बौद्ध प्रतीकों में प्रायः अष्टांग मार्गों को धर्मचक्र के आठ ताड़ियों (spokes) द्वारा निरूपित किया जाता है।

Explanation by: Parvesh Kanani
अष्टांग मार्ग भगवान बुद्ध की प्रमुख शिक्षाओं में से एक है जो दुखों से मुक्ति पाने एवं तथ्य-ज्ञान के साधन के रूप में बताया गया है। अष्टांग मार्ग के सभी 'मार्ग' , 'सम्यक' शब्द से आरम्भ होते हैं (सम्यक = अच्छी या सही)। बौद्ध प्रतीकों में प्रायः अष्टांग मार्गों को धर्मचक्र के आठ ताड़ियों (spokes) द्वारा निरूपित किया जाता है।

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