Explanation:
क्रीपर वायरस (Creeper Virus) को 1970s में सबसे पहला कंप्यूटर वायरस माना जाता है। इसे बीबीएन टेक्नोलॉजी के इंजीनियरों द्वारा विकसित किया गया था, और इसका उद्देश्य केवल नेटवर्क पर एक संदेश प्रदर्शित करना था, जिसमें लिखा होता था "I'm the creeper, catch me if you can!"। क्रीपर वायरस ने कंप्यूटर की कार्यप्रणाली में कोई नुकसान नहीं पहुँचाया था, बल्कि यह एक प्रयोगात्मक वायरस था।
बाकी विकल्पों के बारे में:
सस्सेर (Sasser) और निमदा वायरस (Nimda) बाद के समय में विकसित हुए वायरस हैं।
टिपर वायरस (Tipper Virus) कोई प्रसिद्ध वायरस नहीं है।
इसलिए, क्रीपर वायरस (Creeper Virus) को पहला कंप्यूटर वायरस माना जाता है।
Explanation by: Praveen Singh
क्रीपर वायरस (Creeper Virus) को 1970s में सबसे पहला कंप्यूटर वायरस माना जाता है। इसे बीबीएन टेक्नोलॉजी के इंजीनियरों द्वारा विकसित किया गया था, और इसका उद्देश्य केवल नेटवर्क पर एक संदेश प्रदर्शित करना था, जिसमें लिखा होता था "I'm the creeper, catch me if you can!"। क्रीपर वायरस ने कंप्यूटर की कार्यप्रणाली में कोई नुकसान नहीं पहुँचाया था, बल्कि यह एक प्रयोगात्मक वायरस था।
बाकी विकल्पों के बारे में:
सस्सेर (Sasser) और निमदा वायरस (Nimda) बाद के समय में विकसित हुए वायरस हैं।
टिपर वायरस (Tipper Virus) कोई प्रसिद्ध वायरस नहीं है।
इसलिए, क्रीपर वायरस (Creeper Virus) को पहला कंप्यूटर वायरस माना जाता है।