Explanation:
अथर्ववेद में यह उल्लेख मिलता है कि सभा और समिति प्रजापति की दो पुत्रियां थीं।
सभा और समिति को समाज की धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा माना गया है। इन्हें महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाओं के रूप में चित्रित किया गया है, जो प्राचीन भारतीय समाज में यज्ञों और अन्य धार्मिक कार्यों के आयोजन में मदद करती थीं।
प्रजापति (जिसे सृष्टि के रचनाकार के रूप में भी पूजा जाता है) की इन दोनों पुत्रियों का उल्लेख प्राचीन हिंदू समाज की संरचना और संस्कृति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
अथर्ववेद में ये तत्व समाज और धर्म से जुड़ी हुई शक्तियों के रूप में प्रस्तुत होते हैं, जो सामाजिक समारोहों और धार्मिक क्रियाओं में सहायक होती थीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(A) ऋग्वेद में:
ऋग्वेद में सभा और समिति का संदर्भ समाज और यज्ञों से जुड़ा हुआ है, लेकिन प्रजापति की दो पुत्रियां होने का उल्लेख अथर्ववेद में किया गया है, न कि ऋग्वेद में।
(B) यजुर्वेद में:
यजुर्वेद मुख्य रूप से यज्ञ और धार्मिक क्रियाओं के बारे में है और इसमें सभा और समिति का प्रजापति की पुत्रियों के रूप में कोई उल्लेख नहीं है।
(C) सामवेद में:
सामवेद मुख्य रूप से संगीत और गायन के लिए प्रसिद्ध है, और इसमें समाज की संरचना या सभा और समिति के बारे में कोई उल्लेख नहीं मिलता।
निष्कर्ष:
"सभा और समिति प्रजापति की दो पुत्रियां थीं" का उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है।
Explanation by: Mr. Dubey
अथर्ववेद में यह उल्लेख मिलता है कि सभा और समिति प्रजापति की दो पुत्रियां थीं।
सभा और समिति को समाज की धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा माना गया है। इन्हें महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाओं के रूप में चित्रित किया गया है, जो प्राचीन भारतीय समाज में यज्ञों और अन्य धार्मिक कार्यों के आयोजन में मदद करती थीं।
प्रजापति (जिसे सृष्टि के रचनाकार के रूप में भी पूजा जाता है) की इन दोनों पुत्रियों का उल्लेख प्राचीन हिंदू समाज की संरचना और संस्कृति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
अथर्ववेद में ये तत्व समाज और धर्म से जुड़ी हुई शक्तियों के रूप में प्रस्तुत होते हैं, जो सामाजिक समारोहों और धार्मिक क्रियाओं में सहायक होती थीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(A) ऋग्वेद में:
ऋग्वेद में सभा और समिति का संदर्भ समाज और यज्ञों से जुड़ा हुआ है, लेकिन प्रजापति की दो पुत्रियां होने का उल्लेख अथर्ववेद में किया गया है, न कि ऋग्वेद में।
(B) यजुर्वेद में:
यजुर्वेद मुख्य रूप से यज्ञ और धार्मिक क्रियाओं के बारे में है और इसमें सभा और समिति का प्रजापति की पुत्रियों के रूप में कोई उल्लेख नहीं है।
(C) सामवेद में:
सामवेद मुख्य रूप से संगीत और गायन के लिए प्रसिद्ध है, और इसमें समाज की संरचना या सभा और समिति के बारे में कोई उल्लेख नहीं मिलता।
निष्कर्ष:
"सभा और समिति प्रजापति की दो पुत्रियां थीं" का उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है।