Explanation:
भारत में सर्वप्रथम विशुद्ध संस्कृत भाषा में लंबा और प्रभावशाली अभिलेख शक वंश के राजा रुद्रदमन प्रथम द्वारा ईसा की दूसरी शताब्दी में जारी किया गया था।
यह अभिलेख गिरनार (गुजरात) में स्थित है और इसे "गिरनार अभिलेख" कहा जाता है।
यह अभिलेख न केवल संस्कृत में है, बल्कि इसमें पहली बार राजकीय घोषणाओं के लिए संस्कृत का प्रयोग हुआ, जो कि उस समय आमतौर पर प्राकृत में होते थे।
इससे यह भी सिद्ध होता है कि उस समय तक संस्कृत केवल धार्मिक या ब्राह्मणिक भाषा नहीं रही, बल्कि शासकीय कार्यों के लिए भी प्रयुक्त होने लगी थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(B) यवन राजा मिनाण्डर:
मिनाण्डर (मिलिंद) भारत में यवन (Indo-Greek) शासक था, पर उसके काल से कोई संस्कृत में लंबा अभिलेख ज्ञात नहीं है।
(C) गोन्दोफिर्नस:
यह एक पाथर्व (Parthian) राजा था, लेकिन इसके समय में भी कोई लंबा संस्कृत अभिलेख उपलब्ध नहीं है।
(D) कनिष्क:
कुषाण राजा कनिष्क ने कई अभिलेख जारी किए, लेकिन प्रारंभ में वे खरोष्ठी लिपि और गंधारी प्राकृत में थे। बाद में जरूर संस्कृत का प्रयोग हुआ, लेकिन रुद्रदमन उससे पहले के हैं।
निष्कर्ष:
भारत का पहला विशुद्ध संस्कृत भाषा में लंबा अभिलेख शक राजा रुद्रदमन द्वारा गिरनार (गुजरात) में जारी किया गया था।
Explanation by: Mr. Dubey
भारत में सर्वप्रथम विशुद्ध संस्कृत भाषा में लंबा और प्रभावशाली अभिलेख शक वंश के राजा रुद्रदमन प्रथम द्वारा ईसा की दूसरी शताब्दी में जारी किया गया था।
यह अभिलेख गिरनार (गुजरात) में स्थित है और इसे "गिरनार अभिलेख" कहा जाता है।
यह अभिलेख न केवल संस्कृत में है, बल्कि इसमें पहली बार राजकीय घोषणाओं के लिए संस्कृत का प्रयोग हुआ, जो कि उस समय आमतौर पर प्राकृत में होते थे।
इससे यह भी सिद्ध होता है कि उस समय तक संस्कृत केवल धार्मिक या ब्राह्मणिक भाषा नहीं रही, बल्कि शासकीय कार्यों के लिए भी प्रयुक्त होने लगी थी।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(B) यवन राजा मिनाण्डर:
मिनाण्डर (मिलिंद) भारत में यवन (Indo-Greek) शासक था, पर उसके काल से कोई संस्कृत में लंबा अभिलेख ज्ञात नहीं है।
(C) गोन्दोफिर्नस:
यह एक पाथर्व (Parthian) राजा था, लेकिन इसके समय में भी कोई लंबा संस्कृत अभिलेख उपलब्ध नहीं है।
(D) कनिष्क:
कुषाण राजा कनिष्क ने कई अभिलेख जारी किए, लेकिन प्रारंभ में वे खरोष्ठी लिपि और गंधारी प्राकृत में थे। बाद में जरूर संस्कृत का प्रयोग हुआ, लेकिन रुद्रदमन उससे पहले के हैं।
निष्कर्ष:
भारत का पहला विशुद्ध संस्कृत भाषा में लंबा अभिलेख शक राजा रुद्रदमन द्वारा गिरनार (गुजरात) में जारी किया गया था।