Q. दुःख ही जीवन की कथा रही | क्या कहूँ आज जो नहीं कहीं || प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता का नाम है
✅ Correct Answer: (D)
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
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