Q. आदि काव्य की संज्ञा किसे दी जाती है ?
Explanation: रामायण को "आदि काव्य" क्यों कहा जाता है?
रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी।
इसे संस्कृत साहित्य का प्रथम महाकाव्य (आदि काव्य) माना जाता है।
इसमें श्लोकबद्ध (पद्य रूप में) कथा का वर्णन किया गया है, जो संस्कृत साहित्य की प्रथम महाकाव्य रचना मानी जाती है।
इस काव्य में राम के आदर्श चरित्र, धर्म, भक्ति, नीति और मानव मूल्यों का वर्णन किया गया है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
महाभारत – इसे "इतिहास" कहा जाता है, और यह व्यास द्वारा रचित है।
श्रीमद्भागवत गीता – यह महाभारत के भीष्म पर्व का एक भाग है, जिसमें कृष्ण के उपदेश संकलित हैं।
गीतगोविंद – यह 12वीं शताब्दी में जयदेव द्वारा रचित कृष्ण भक्ति पर आधारित काव्य है।
निष्कर्ष:
रामायण को संस्कृत साहित्य का पहला महाकाव्य मानते हुए इसे "आदि काव्य" की संज्ञा दी गई है।
Explanation by: Mr. Dubey
रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी।
इसे संस्कृत साहित्य का प्रथम महाकाव्य (आदि काव्य) माना जाता है।
इसमें श्लोकबद्ध (पद्य रूप में) कथा का वर्णन किया गया है, जो संस्कृत साहित्य की प्रथम महाकाव्य रचना मानी जाती है।
इस काव्य में राम के आदर्श चरित्र, धर्म, भक्ति, नीति और मानव मूल्यों का वर्णन किया गया है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
महाभारत – इसे "इतिहास" कहा जाता है, और यह व्यास द्वारा रचित है।
श्रीमद्भागवत गीता – यह महाभारत के भीष्म पर्व का एक भाग है, जिसमें कृष्ण के उपदेश संकलित हैं।
गीतगोविंद – यह 12वीं शताब्दी में जयदेव द्वारा रचित कृष्ण भक्ति पर आधारित काव्य है।
निष्कर्ष:
रामायण को संस्कृत साहित्य का पहला महाकाव्य मानते हुए इसे "आदि काव्य" की संज्ञा दी गई है।