Explanation: होमरूल आंदोलन का विवरण:
यह आंदोलन 1916 में शुरू हुआ था।
इसका मुख्य उद्देश्य भारत में स्वशासन (Self-Government) की मांग करना था।
इस आंदोलन की अगुवाई बाल गंगाधर तिलक (पश्चिम भारत) और एनी बेसेंट (दक्षिण भारत) ने की।
तिलक का नारा था – "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।"
होमरूल लीग की स्थापना:
बाल गंगाधर तिलक → अप्रैल 1916 में पुणे में
एनी बेसेंट → सितंबर 1916 में मद्रास में
महत्व:
इस आंदोलन से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई गति मिली।
इसके प्रभाव से 1919 का मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार लाया गया, जिसने भारत में सीमित रूप से प्रांतीय स्वशासन की शुरुआत की।
यह आंदोलन भारतीय राजनीति में महात्मा गांधी के सक्रिय प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने वाला साबित हुआ।
Explanation by: Mr. Dubey
यह आंदोलन 1916 में शुरू हुआ था।
इसका मुख्य उद्देश्य भारत में स्वशासन (Self-Government) की मांग करना था।
इस आंदोलन की अगुवाई बाल गंगाधर तिलक (पश्चिम भारत) और एनी बेसेंट (दक्षिण भारत) ने की।
तिलक का नारा था – "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।"
होमरूल लीग की स्थापना:
बाल गंगाधर तिलक → अप्रैल 1916 में पुणे में
एनी बेसेंट → सितंबर 1916 में मद्रास में
महत्व:
इस आंदोलन से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई गति मिली।
इसके प्रभाव से 1919 का मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार लाया गया, जिसने भारत में सीमित रूप से प्रांतीय स्वशासन की शुरुआत की।
यह आंदोलन भारतीय राजनीति में महात्मा गांधी के सक्रिय प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने वाला साबित हुआ।