Q. प्रतिहार वंश का महानतम राजा कौन था ?
✅ Correct Answer: (B)
भोज
Explanation:
प्रतिहार वंश का महानतम राजा मिहिर भोज (836-885 ई.) था, जिसे "भोज" भी कहा जाता है।
- वह सबसे शक्तिशाली प्रतिहार शासक था और उसने गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य को अपनी चरम सीमा तक पहुँचाया।
- उसने पाल और राष्ट्रकूट वंश के शासकों से संघर्ष किया और अपना प्रभाव स्थापित किया।
- अरब यात्री सुलेमान ने मिहिर भोज के शासनकाल की सराहना करते हुए लिखा कि उसकी सेना बहुत बड़ी थी और वह अरबों को भारत में घुसने से रोकने में सफल रहा।
- मिहिर भोज ने खुद को "आदिवराह" की उपाधि दी थी, जो उनके सिक्कों और शिलालेखों पर मिलती है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) नागभट्ट – प्रतिहार वंश के संस्थापक थे, लेकिन महानतम शासक नहीं थे।
- (C) वत्सराज – प्रतिहार वंश के एक महत्वपूर्ण शासक थे, जिन्होंने पाल और राष्ट्रकूटों से संघर्ष किया, लेकिन सबसे महान राजा नहीं थे।
- (D) दंतिदुर्ग – यह राष्ट्रकूट वंश का शासक था, प्रतिहार वंश से संबंधित नहीं था।
निष्कर्ष:
प्रतिहार वंश का सबसे महान राजा मिहिर भोज था।
इसलिए सही उत्तर (B) भोज (मिहिर भोज) है।
Explanation by: Official MCQ Buddy
प्रतिहार वंश का महानतम राजा मिहिर भोज (836-885 ई.) था, जिसे "भोज" भी कहा जाता है।
- वह सबसे शक्तिशाली प्रतिहार शासक था और उसने गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य को अपनी चरम सीमा तक पहुँचाया।
- उसने पाल और राष्ट्रकूट वंश के शासकों से संघर्ष किया और अपना प्रभाव स्थापित किया।
- अरब यात्री सुलेमान ने मिहिर भोज के शासनकाल की सराहना करते हुए लिखा कि उसकी सेना बहुत बड़ी थी और वह अरबों को भारत में घुसने से रोकने में सफल रहा।
- मिहिर भोज ने खुद को "आदिवराह" की उपाधि दी थी, जो उनके सिक्कों और शिलालेखों पर मिलती है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) नागभट्ट – प्रतिहार वंश के संस्थापक थे, लेकिन महानतम शासक नहीं थे।
- (C) वत्सराज – प्रतिहार वंश के एक महत्वपूर्ण शासक थे, जिन्होंने पाल और राष्ट्रकूटों से संघर्ष किया, लेकिन सबसे महान राजा नहीं थे।
- (D) दंतिदुर्ग – यह राष्ट्रकूट वंश का शासक था, प्रतिहार वंश से संबंधित नहीं था।
निष्कर्ष:
प्रतिहार वंश का सबसे महान राजा मिहिर भोज था।
इसलिए सही उत्तर (B) भोज (मिहिर भोज) है।