Explanation:
हड़प्पा सभ्यता (जिसे सिंधु घाटी सभ्यता भी कहा जाता है) के निवासी शहरी जीवन जीते थे। यह सभ्यता लगभग 2600 ई.पू. से 1900 ई.पू. तक फली-फूली।
शहरी जीवन के प्रमाण:
- सुनियोजित नगर निर्माण: सड़कों का जाल, ईंटों से बने मकान, जल निकासी की उत्तम व्यवस्था।
- अग्रिम तकनीकी: स्नानगृह (Great Bath), अन्नागार, कुएं, और नालियों की सुव्यवस्था।
- व्यापार और मुद्राएँ: व्यापारिक मुहरें और समुद्री व्यापार के प्रमाण मिले हैं।
- कृषि और शिल्प: कृषि, बुनाई, कुम्हारी और धातु-कला में दक्षता थी।
इन सभी बातों से यह स्पष्ट होता है कि हड़प्पा वासी एक उन्नत और संगठित शहरी सभ्यता के अंग थे।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(A) ग्रामीण:
ग्रामीण समाज आमतौर पर असंगठित और छोटे समुदायों में बंटा होता है, जबकि हड़प्पा की बस्तियाँ सुव्यवस्थित और नगरों के रूप में थीं।
(B) जनजातीय:
जनजातीय समाज आमतौर पर साधारण और परंपरागत होता है, हड़प्पावासी तकनीकी रूप से उन्नत थे।
(C) यायावर (Nomadic):
यायावर लोग स्थायी निवास नहीं रखते, जबकि हड़प्पा में स्थायी भवन और नगर थे।
निष्कर्ष:
हड़प्पा सभ्यता के निवासी शहरी थे, और वे उस समय की विश्व की सर्वाधिक विकसित नगर सभ्यताओं में से एक के निवासी थे।
Explanation by: Mr. Dubey
हड़प्पा सभ्यता (जिसे सिंधु घाटी सभ्यता भी कहा जाता है) के निवासी शहरी जीवन जीते थे। यह सभ्यता लगभग 2600 ई.पू. से 1900 ई.पू. तक फली-फूली।
शहरी जीवन के प्रमाण:
- सुनियोजित नगर निर्माण: सड़कों का जाल, ईंटों से बने मकान, जल निकासी की उत्तम व्यवस्था।
- अग्रिम तकनीकी: स्नानगृह (Great Bath), अन्नागार, कुएं, और नालियों की सुव्यवस्था।
- व्यापार और मुद्राएँ: व्यापारिक मुहरें और समुद्री व्यापार के प्रमाण मिले हैं।
- कृषि और शिल्प: कृषि, बुनाई, कुम्हारी और धातु-कला में दक्षता थी।
इन सभी बातों से यह स्पष्ट होता है कि हड़प्पा वासी एक उन्नत और संगठित शहरी सभ्यता के अंग थे।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
(A) ग्रामीण:
ग्रामीण समाज आमतौर पर असंगठित और छोटे समुदायों में बंटा होता है, जबकि हड़प्पा की बस्तियाँ सुव्यवस्थित और नगरों के रूप में थीं।
(B) जनजातीय:
जनजातीय समाज आमतौर पर साधारण और परंपरागत होता है, हड़प्पावासी तकनीकी रूप से उन्नत थे।
(C) यायावर (Nomadic):
यायावर लोग स्थायी निवास नहीं रखते, जबकि हड़प्पा में स्थायी भवन और नगर थे।
निष्कर्ष:
हड़प्पा सभ्यता के निवासी शहरी थे, और वे उस समय की विश्व की सर्वाधिक विकसित नगर सभ्यताओं में से एक के निवासी थे।