Q. पेट या शरीर के एनी आन्तरिक अन्गोंके अन्वेषण के लिए प्रयुक्त तकनीक एंडोस्कोपी आधारित है ?

  • (A) ध्रुवण पर
  • (B) व्यतिकरण परिघटना पर
  • (C) पूर्ण आंतरिक प्रवर्तन परिघटना पर
  • (D) विवर्तन परिघटना पर
✅ Correct Answer: (C) पूर्ण आंतरिक प्रवर्तन परिघटना पर

Explanation: एंडोस्कोपी (Endoscopy) एक चिकित्सीय तकनीक है, जिसका उपयोग शरीर के आंतरिक अंगों (जैसे पेट, आँतें, फेफड़े आदि) की जाँच के लिए किया जाता है। यह तकनीक पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection, TIR) के सिद्धांत पर आधारित होती है।

एंडोस्कोपी में पूर्ण आंतरिक परावर्तन कैसे कार्य करता है?

1. एंडोस्कोप (Endoscope) एक पतली, लचीली ट्यूब होती है, जिसके अंदर ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber) होते हैं।


2. जब प्रकाश इन ऑप्टिकल फाइबर में प्रवेश करता है, तो वह पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण बार-बार परावर्तित होता हुआ आगे बढ़ता है।


3. इससे प्रकाश बिना किसी हानि के फाइबर के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँचता है।


4. इसी सिद्धांत का उपयोग कर डॉक्टर शरीर के अंदरूनी अंगों की साफ और स्पष्ट छवि (Clear Image) प्राप्त कर सकते हैं।



अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

(A) ध्रुवण (Polarization): यह केवल तरंगों की कंपन दिशा को नियंत्रित करता है, लेकिन छवि ट्रांसमिशन में मदद नहीं करता।

(B) व्यतिकरण (Interference): यह तब होता है जब दो प्रकाश तरंगें मिलकर नया पैटर्न बनाती हैं, लेकिन एंडोस्कोपी में इसका उपयोग नहीं होता।

(D) विवर्तन (Diffraction): यह तब होता है जब प्रकाश किसी संकीर्ण छिद्र या किनारे से गुजरते समय मुड़ता है, लेकिन एंडोस्कोपी इससे नहीं चलती।


निष्कर्ष:

एंडोस्कोपी पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर आधारित होती है, जिससे प्रकाश ऑप्टिकल फाइबर में बिना किसी नुकसान के यात्रा करता है और डॉक्टर शरीर के आंतरिक अंगों को देख सकते हैं।

✅ सही उत्तर: (C) पूर्ण आंतरिक परावर्तन परिघटना पर।

Explanation by: Mr. Dubey
एंडोस्कोपी (Endoscopy) एक चिकित्सीय तकनीक है, जिसका उपयोग शरीर के आंतरिक अंगों (जैसे पेट, आँतें, फेफड़े आदि) की जाँच के लिए किया जाता है। यह तकनीक पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection, TIR) के सिद्धांत पर आधारित होती है।

एंडोस्कोपी में पूर्ण आंतरिक परावर्तन कैसे कार्य करता है?

1. एंडोस्कोप (Endoscope) एक पतली, लचीली ट्यूब होती है, जिसके अंदर ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber) होते हैं।


2. जब प्रकाश इन ऑप्टिकल फाइबर में प्रवेश करता है, तो वह पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण बार-बार परावर्तित होता हुआ आगे बढ़ता है।


3. इससे प्रकाश बिना किसी हानि के फाइबर के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुँचता है।


4. इसी सिद्धांत का उपयोग कर डॉक्टर शरीर के अंदरूनी अंगों की साफ और स्पष्ट छवि (Clear Image) प्राप्त कर सकते हैं।



अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

(A) ध्रुवण (Polarization): यह केवल तरंगों की कंपन दिशा को नियंत्रित करता है, लेकिन छवि ट्रांसमिशन में मदद नहीं करता।

(B) व्यतिकरण (Interference): यह तब होता है जब दो प्रकाश तरंगें मिलकर नया पैटर्न बनाती हैं, लेकिन एंडोस्कोपी में इसका उपयोग नहीं होता।

(D) विवर्तन (Diffraction): यह तब होता है जब प्रकाश किसी संकीर्ण छिद्र या किनारे से गुजरते समय मुड़ता है, लेकिन एंडोस्कोपी इससे नहीं चलती।


निष्कर्ष:

एंडोस्कोपी पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर आधारित होती है, जिससे प्रकाश ऑप्टिकल फाइबर में बिना किसी नुकसान के यात्रा करता है और डॉक्टर शरीर के आंतरिक अंगों को देख सकते हैं।

✅ सही उत्तर: (C) पूर्ण आंतरिक परावर्तन परिघटना पर।

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