Explanation: प्रकाशीय फाइबर एक पतली कांच या प्लास्टिक की तार होती है, जो प्रकाश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए पूर्ण आंतरिक परावर्तन का उपयोग करती है।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) क्या है?
जब प्रकाश एक अधिक अपवर्तनांक (Higher Refractive Index, जैसे कांच) वाले माध्यम से कम अपवर्तनांक (Lower Refractive Index, जैसे हवा) वाले माध्यम में जाता है और यदि आपतन कोण (Angle of Incidence) क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होता है, तो प्रकाश पूरी तरह परावर्तित होकर वापस उसी माध्यम में लौट आता है। इसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहा जाता है।
ऑप्टिकल फाइबर में TIR का उपयोग:
1. कोर (Core): उच्च अपवर्तनांक वाला कांच या प्लास्टिक।
2. क्लैडिंग (Cladding): कम अपवर्तनांक वाला पदार्थ।
3. जब प्रकाश कोर के अंदर प्रवेश करता है, तो वह क्लैडिंग से टकराकर बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन करता है और फाइबर के माध्यम से आगे बढ़ता रहता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
(B) प्रकीर्णन (Scattering): प्रकाश का विभिन्न दिशाओं में बिखरना, जैसे आकाश का नीला दिखना।
(C) अपवर्तन (Refraction): प्रकाश का माध्यम बदलने पर दिशा बदलना, जैसे पानी में डूबी छड़ी मुड़ी हुई दिखना।
(D) व्यतिकरण (Interference): दो प्रकाश तरंगों का आपस में मिलकर नया पैटर्न बनाना, जैसे यंग का डबल स्लिट प्रयोग।
निष्कर्ष:
प्रकाशीय फाइबर पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर कार्य करता है।
✅ सही उत्तर: (A) पूर्ण आंतरिक परावर्तन।
Explanation by: Indresh Gehalot
पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) क्या है?
जब प्रकाश एक अधिक अपवर्तनांक (Higher Refractive Index, जैसे कांच) वाले माध्यम से कम अपवर्तनांक (Lower Refractive Index, जैसे हवा) वाले माध्यम में जाता है और यदि आपतन कोण (Angle of Incidence) क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होता है, तो प्रकाश पूरी तरह परावर्तित होकर वापस उसी माध्यम में लौट आता है। इसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहा जाता है।
ऑप्टिकल फाइबर में TIR का उपयोग:
1. कोर (Core): उच्च अपवर्तनांक वाला कांच या प्लास्टिक।
2. क्लैडिंग (Cladding): कम अपवर्तनांक वाला पदार्थ।
3. जब प्रकाश कोर के अंदर प्रवेश करता है, तो वह क्लैडिंग से टकराकर बार-बार पूर्ण आंतरिक परावर्तन करता है और फाइबर के माध्यम से आगे बढ़ता रहता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
(B) प्रकीर्णन (Scattering): प्रकाश का विभिन्न दिशाओं में बिखरना, जैसे आकाश का नीला दिखना।
(C) अपवर्तन (Refraction): प्रकाश का माध्यम बदलने पर दिशा बदलना, जैसे पानी में डूबी छड़ी मुड़ी हुई दिखना।
(D) व्यतिकरण (Interference): दो प्रकाश तरंगों का आपस में मिलकर नया पैटर्न बनाना, जैसे यंग का डबल स्लिट प्रयोग।
निष्कर्ष:
प्रकाशीय फाइबर पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर कार्य करता है।
✅ सही उत्तर: (A) पूर्ण आंतरिक परावर्तन।