Explanation: प्रकाश की दोहरी प्रकृति होती है, यानी यह तरंग और कण दोनों के गुण प्रदर्शित करता है। इसे द्वैत प्रकृति (Wave-Particle Duality) कहा जाता है।
1. प्रकाश की तरंग प्रकृति (Wave Nature of Light):
हाइज़ेन (Huygens) के तरंग सिद्धांत और बाद में हुए कई प्रयोगों ने यह सिद्ध किया कि प्रकाश एक तरंग की तरह व्यवहार करता है।
सबूत:
व्यतिकरण (Interference): यंग के डबल स्लिट प्रयोग में प्रकाश ने दो स्रोतों से आने वाली तरंगों के बीच व्यतिकरण दिखाया।
विवर्तन (Diffraction): प्रकाश किसी अवरोध या संकीर्ण छिद्र से गुजरने पर मुड़ सकता है।
ध्रुवण (Polarization): केवल अनुप्रस्थ तरंगों में संभव होता है, जिससे पता चलता है कि प्रकाश एक तरंग है।
2. प्रकाश की कण प्रकृति (Particle Nature of Light):
आइंस्टाइन (Einstein) के फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव ने यह साबित किया कि प्रकाश कणों की तरह भी व्यवहार करता है।
सबूत:
जब प्रकाश धातु की सतह पर गिरता है, तो वह इलेक्ट्रॉनों को बाहर निकाल सकता है।
यह तभी संभव होता है जब प्रकाश को एक कण (फोटॉन) के रूप में माना जाए, जो ऊर्जा पैकेट के रूप में कार्य करता है।
इस खोज के लिए आइंस्टाइन को 1921 में नोबेल पुरस्कार मिला।
निष्कर्ष:
प्रकाश तरंग (Wave) और कण (Particle) दोनों की तरह व्यवहार करता है।
इसे क्वांटम यांत्रिकी में "Wave-Particle Duality" कहा जाता है।
इसलिए सही उत्तर है:
(B) तरंग एवं कण दोनों के समान।
Explanation by: Indresh Gehalot
1. प्रकाश की तरंग प्रकृति (Wave Nature of Light):
हाइज़ेन (Huygens) के तरंग सिद्धांत और बाद में हुए कई प्रयोगों ने यह सिद्ध किया कि प्रकाश एक तरंग की तरह व्यवहार करता है।
सबूत:
व्यतिकरण (Interference): यंग के डबल स्लिट प्रयोग में प्रकाश ने दो स्रोतों से आने वाली तरंगों के बीच व्यतिकरण दिखाया।
विवर्तन (Diffraction): प्रकाश किसी अवरोध या संकीर्ण छिद्र से गुजरने पर मुड़ सकता है।
ध्रुवण (Polarization): केवल अनुप्रस्थ तरंगों में संभव होता है, जिससे पता चलता है कि प्रकाश एक तरंग है।
2. प्रकाश की कण प्रकृति (Particle Nature of Light):
आइंस्टाइन (Einstein) के फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव ने यह साबित किया कि प्रकाश कणों की तरह भी व्यवहार करता है।
सबूत:
जब प्रकाश धातु की सतह पर गिरता है, तो वह इलेक्ट्रॉनों को बाहर निकाल सकता है।
यह तभी संभव होता है जब प्रकाश को एक कण (फोटॉन) के रूप में माना जाए, जो ऊर्जा पैकेट के रूप में कार्य करता है।
इस खोज के लिए आइंस्टाइन को 1921 में नोबेल पुरस्कार मिला।
निष्कर्ष:
प्रकाश तरंग (Wave) और कण (Particle) दोनों की तरह व्यवहार करता है।
इसे क्वांटम यांत्रिकी में "Wave-Particle Duality" कहा जाता है।
इसलिए सही उत्तर है:
(B) तरंग एवं कण दोनों के समान।