Q. प्रकाश में ध्रुवण की घटना से यह सिद्ध होता है की प्रकश तरंगे है ?
✅ Correct Answer: (A)
अनुप्रस्थ तरंग
Explanation: ध्रुवण (Polarization) केवल अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) की विशेषता है।
यदि प्रकाश अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) होता, तो उसमें ध्रुवण संभव नहीं होता।
ध्रुवण यह दर्शाता है कि प्रकाश तरंग का दोलन (Oscillation) एक निश्चित दिशा में सीमित किया जा सकता है, जो केवल अनुप्रस्थ तरंगों में संभव है।
Explanation by: Indresh Gehalot
ध्रुवण (Polarization) केवल अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) की विशेषता है।
यदि प्रकाश अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) होता, तो उसमें ध्रुवण संभव नहीं होता।
ध्रुवण यह दर्शाता है कि प्रकाश तरंग का दोलन (Oscillation) एक निश्चित दिशा में सीमित किया जा सकता है, जो केवल अनुप्रस्थ तरंगों में संभव है।
यदि प्रकाश अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave) होता, तो उसमें ध्रुवण संभव नहीं होता।
ध्रुवण यह दर्शाता है कि प्रकाश तरंग का दोलन (Oscillation) एक निश्चित दिशा में सीमित किया जा सकता है, जो केवल अनुप्रस्थ तरंगों में संभव है।