📊 Child Development and Teaching Method
Q. शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जाता है, क्योंकि ?
  • (A) शिक्षण क्षमता रहित
  • (B) शिक्षिकोचित गुणॊं से अनभिज्ञ
  • (C) भग्नाशापूर्ण
  • (D) ज्ञान शून्य
✅ Correct Answer: (B) शिक्षिकोचित गुणॊं से अनभिज्ञ

Explanation:

शिक्षक प्रशिक्षण हेतु प्रतियोगी परीक्षाएँ इसलिए आयोजित की जाती हैं क्योंकि सिर्फ विषय ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि एक शिक्षक में शिक्षण संबंधी आवश्यक गुण भी होने चाहिए

  • शिक्षकोचित गुणों में शामिल हैं:
    • अच्छा संप्रेषण कौशल (Effective Communication Skills)
    • छात्रों की समझने की क्षमता का आकलन करने की योग्यता
    • धैर्य और सहानुभूति
    • विषय को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता
    • अनुशासन बनाए रखने और छात्रों को प्रेरित करने का कौशल

अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

  1. (A) शिक्षण क्षमता रहित:
    • यह पूर्णतः सही नहीं है क्योंकि कुछ लोग जन्मजात अच्छे शिक्षक होते हैं, लेकिन प्रशिक्षण से उनकी क्षमता को और बेहतर बनाया जाता है।
  2. (C) भग्नाशापूर्ण (Unfortunate):
    • यह परीक्षा आयोजित करने का कारण नहीं हो सकता।
  3. (D) ज्ञान शून्य:
    • प्रतियोगी परीक्षाओं का उद्देश्य ज्ञान को परखना होता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि बिना परीक्षा के व्यक्ति ज्ञान शून्य हो।

निष्कर्ष:

शिक्षकों को सही मार्गदर्शन और शिक्षण विधियों में दक्ष बनाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं ताकि वे शिक्षकोचित गुणों से संपन्न हो सकें।
इसलिए सही उत्तर (B) शिक्षकोचित गुणों से अनभिज्ञ है।

Explanation by: Vijay Sangwan

शिक्षक प्रशिक्षण हेतु प्रतियोगी परीक्षाएँ इसलिए आयोजित की जाती हैं क्योंकि सिर्फ विषय ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि एक शिक्षक में शिक्षण संबंधी आवश्यक गुण भी होने चाहिए

  • शिक्षकोचित गुणों में शामिल हैं:
    • अच्छा संप्रेषण कौशल (Effective Communication Skills)
    • छात्रों की समझने की क्षमता का आकलन करने की योग्यता
    • धैर्य और सहानुभूति
    • विषय को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता
    • अनुशासन बनाए रखने और छात्रों को प्रेरित करने का कौशल

अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

  1. (A) शिक्षण क्षमता रहित:
    • यह पूर्णतः सही नहीं है क्योंकि कुछ लोग जन्मजात अच्छे शिक्षक होते हैं, लेकिन प्रशिक्षण से उनकी क्षमता को और बेहतर बनाया जाता है।
  2. (C) भग्नाशापूर्ण (Unfortunate):
    • यह परीक्षा आयोजित करने का कारण नहीं हो सकता।
  3. (D) ज्ञान शून्य:
    • प्रतियोगी परीक्षाओं का उद्देश्य ज्ञान को परखना होता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि बिना परीक्षा के व्यक्ति ज्ञान शून्य हो।

निष्कर्ष:

शिक्षकों को सही मार्गदर्शन और शिक्षण विधियों में दक्ष बनाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं ताकि वे शिक्षकोचित गुणों से संपन्न हो सकें।
इसलिए सही उत्तर (B) शिक्षकोचित गुणों से अनभिज्ञ है।

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