Explanation: भारत सरकार ने तमिल भाषा को शास्त्रीय भाषा (Classical Language) का दर्जा दिया है।
शास्त्रीय भाषा का दर्जा पाने की शर्तें:
1. भाषा का एक प्राचीन इतिहास होना चाहिए (कम से कम 1500-2000 साल पुरानी)।
2. इसमें मूल ग्रंथ और साहित्य होने चाहिए।
3. इसकी परंपरा अन्य भाषाओं से स्वतंत्र होनी चाहिए।
4. भाषा में प्राचीन ग्रंथों की निरंतरता होनी चाहिए।
अब तक भारत में जिन भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला है:
1. तमिल (2004)
2. संस्कृत (2005)
3. कन्नड़ (2008)
4. तेलुगु (2008)
5. मलयालम (2013)
6. ओड़िया (2014)
अन्य विकल्प:
गुजराती (A) – शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं मिला।
मराठी (C) – शास्त्रीय भाषा नहीं है, लेकिन इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
भोजपुरी (D) – इसे अभी तक शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं दिया गया है।
Explanation by: Mr. Dubey
शास्त्रीय भाषा का दर्जा पाने की शर्तें:
1. भाषा का एक प्राचीन इतिहास होना चाहिए (कम से कम 1500-2000 साल पुरानी)।
2. इसमें मूल ग्रंथ और साहित्य होने चाहिए।
3. इसकी परंपरा अन्य भाषाओं से स्वतंत्र होनी चाहिए।
4. भाषा में प्राचीन ग्रंथों की निरंतरता होनी चाहिए।
अब तक भारत में जिन भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला है:
1. तमिल (2004)
2. संस्कृत (2005)
3. कन्नड़ (2008)
4. तेलुगु (2008)
5. मलयालम (2013)
6. ओड़िया (2014)
अन्य विकल्प:
गुजराती (A) – शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं मिला।
मराठी (C) – शास्त्रीय भाषा नहीं है, लेकिन इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
भोजपुरी (D) – इसे अभी तक शास्त्रीय भाषा का दर्जा नहीं दिया गया है।