Explanation: राजस्थानी और पहाड़ी कला मुख्य रूप से चित्रकारी (Painting) के लिए प्रसिद्ध हैं। ये दोनों शैलियाँ भारतीय लघुचित्रकला (Miniature Painting) की प्रमुख विधाएँ हैं।
राजस्थानी चित्रकला में विभिन्न शैलियाँ शामिल हैं, जैसे मेवाड़, मारवाड़, बूंदी, किशनगढ़ और बीकानेर शैली। इनमें गहरे रंग, राजसी जीवन और धार्मिक विषयों को चित्रित किया जाता है।
पहाड़ी चित्रकला मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में विकसित हुई और इसमें कांगड़ा, बसोहली और गढ़वाल शैली प्रमुख हैं। यह शैली कृष्ण भक्ति, प्राकृतिक दृश्यों और सौंदर्य को दर्शाने के लिए जानी जाती है।
अन्य विकल्प:
संगीत (A) और नृत्य (B) – ये कला रूप चित्रकारी से संबंधित नहीं हैं।
मूर्ति (C) – यह अलग कला विधा है, जो चित्रकला से अलग होती है।
Explanation by: Indresh Gehalot
राजस्थानी चित्रकला में विभिन्न शैलियाँ शामिल हैं, जैसे मेवाड़, मारवाड़, बूंदी, किशनगढ़ और बीकानेर शैली। इनमें गहरे रंग, राजसी जीवन और धार्मिक विषयों को चित्रित किया जाता है।
पहाड़ी चित्रकला मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में विकसित हुई और इसमें कांगड़ा, बसोहली और गढ़वाल शैली प्रमुख हैं। यह शैली कृष्ण भक्ति, प्राकृतिक दृश्यों और सौंदर्य को दर्शाने के लिए जानी जाती है।
अन्य विकल्प:
संगीत (A) और नृत्य (B) – ये कला रूप चित्रकारी से संबंधित नहीं हैं।
मूर्ति (C) – यह अलग कला विधा है, जो चित्रकला से अलग होती है।