Explanation: तीनों किरणों की भेदन क्षमता (Penetrating Power) अलग-अलग होती है:
1. α (अल्फा) किरणें:
ये हेलियम नाभिक (₂He⁴) के समान भारी कण होते हैं।
इनकी भेदन क्षमता सबसे कम होती है।
कागज की शीट या त्वचा भी इन्हें रोक सकती है।
2. β (बीटा) किरणें:
ये तेज़ गति से चलने वाले इलेक्ट्रॉन या पोजीट्रॉन होते हैं।
इनकी भेदन क्षमता α किरणों से अधिक होती है, लेकिन γ किरणों से कम।
धातु की पतली शीट (जैसे एल्यूमीनियम) इन्हें रोक सकती है।
3. γ (गामा) किरणें:
ये ऊर्जा युक्त विद्युत चुम्बकीय तरंगें होती हैं।
इनकी भेदन क्षमता सबसे अधिक होती है।
सीसा (Lead) या मोटी कंक्रीट की दीवार ही इन्हें रोक सकती है।
---
निष्कर्ष:
गामा किरणें (γ किरणें) सबसे अधिक भेदन क्षमता वाली होती हैं, इसलिए इनसे बचाव के लिए विशेष सुरक्षात्मक परतों की आवश्यकता होती है।
✅ सही उत्तर: (C) γ किरण
Explanation by: Mr. Dubey
1. α (अल्फा) किरणें:
ये हेलियम नाभिक (₂He⁴) के समान भारी कण होते हैं।
इनकी भेदन क्षमता सबसे कम होती है।
कागज की शीट या त्वचा भी इन्हें रोक सकती है।
2. β (बीटा) किरणें:
ये तेज़ गति से चलने वाले इलेक्ट्रॉन या पोजीट्रॉन होते हैं।
इनकी भेदन क्षमता α किरणों से अधिक होती है, लेकिन γ किरणों से कम।
धातु की पतली शीट (जैसे एल्यूमीनियम) इन्हें रोक सकती है।
3. γ (गामा) किरणें:
ये ऊर्जा युक्त विद्युत चुम्बकीय तरंगें होती हैं।
इनकी भेदन क्षमता सबसे अधिक होती है।
सीसा (Lead) या मोटी कंक्रीट की दीवार ही इन्हें रोक सकती है।
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निष्कर्ष:
गामा किरणें (γ किरणें) सबसे अधिक भेदन क्षमता वाली होती हैं, इसलिए इनसे बचाव के लिए विशेष सुरक्षात्मक परतों की आवश्यकता होती है।
✅ सही उत्तर: (C) γ किरण