Q. पूना समझौते के सन्दर्भ में कौन सा कथन असत्य है?
✅ Correct Answer: (A)
यह समझौता जवाहरलाल नेहरु और अम्बेदकर के बीच हुआ था
Explanation:
पूना समझौता 24 सितंबर 1932 को महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के बीच हुआ था, न कि जवाहरलाल नेहरू और अंबेडकर के बीच।
पूना समझौते के प्रमुख बिंदु:
- संयुक्त मतदाता प्रणाली – वंचित वर्ग (अस्पृश्य समुदाय) ने पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) को छोड़ने का निर्णय लिया और संयुक्त मतदाता समूह में रहने पर सहमति बनी।
- आरक्षण की व्यवस्था – प्रांतीय विधानसभाओं में वंचित वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 71 से बढ़ाकर 147 कर दी गई।
- सामाजिक और शैक्षिक सुधार – वंचित वर्ग के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर प्रदान करने की बात कही गई, लेकिन सिविल सेवाओं में प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं था।
अन्य विकल्पों का सत्यापन:
- (B) वंचित वर्ग ने संयुक्त मतदाता समूह में रहने का फैसला किया – ✅ (सत्य)
- (C) प्रांतीय विधानपालिकाओं में वंचित वर्ग को सीटें आरक्षित की गईं – ✅ (सत्य)
- (D) इसके द्वारा सिविल सेवाओं में वंचित वर्ग को समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया – ❌ (असत्य, क्योंकि पूना समझौता मुख्य रूप से राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा था, न कि सिविल सेवाओं से)
निष्कर्ष:
(A) "यह समझौता जवाहरलाल नेहरू और अंबेडकर के बीच हुआ था" असत्य है, क्योंकि यह महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के बीच हुआ था।
Explanation by: Official MCQ Buddy
पूना समझौता 24 सितंबर 1932 को महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के बीच हुआ था, न कि जवाहरलाल नेहरू और अंबेडकर के बीच।
पूना समझौते के प्रमुख बिंदु:
- संयुक्त मतदाता प्रणाली – वंचित वर्ग (अस्पृश्य समुदाय) ने पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) को छोड़ने का निर्णय लिया और संयुक्त मतदाता समूह में रहने पर सहमति बनी।
- आरक्षण की व्यवस्था – प्रांतीय विधानसभाओं में वंचित वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 71 से बढ़ाकर 147 कर दी गई।
- सामाजिक और शैक्षिक सुधार – वंचित वर्ग के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अधिक अवसर प्रदान करने की बात कही गई, लेकिन सिविल सेवाओं में प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं था।
अन्य विकल्पों का सत्यापन:
- (B) वंचित वर्ग ने संयुक्त मतदाता समूह में रहने का फैसला किया – ✅ (सत्य)
- (C) प्रांतीय विधानपालिकाओं में वंचित वर्ग को सीटें आरक्षित की गईं – ✅ (सत्य)
- (D) इसके द्वारा सिविल सेवाओं में वंचित वर्ग को समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया – ❌ (असत्य, क्योंकि पूना समझौता मुख्य रूप से राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा था, न कि सिविल सेवाओं से)
निष्कर्ष:
(A) "यह समझौता जवाहरलाल नेहरू और अंबेडकर के बीच हुआ था" असत्य है, क्योंकि यह महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के बीच हुआ था।