Q. भारत में, वन अधिकारों की मान्यता और निहित करने और भूमि अधिकारों के वितरण की ज़िम्मेदारी निम्नलिखित में से किसके साथ है?
Explanation:
भारत में वन अधिकारों की मान्यता और निहित करने का मुख्य कार्य राज्य और केंद्र शासित राज्य के पास है। वन अधिकार अधिनियम 2006 (Forest Rights Act, 2006) के तहत, आदिवासी और अन्य पारंपरिक वनवासियों को उनके पारंपरिक अधिकारों की मान्यता दी जाती है और उन्हें वन भूमि पर अधिकार दिए जाते हैं। यह अधिकार राज्य सरकारों द्वारा लागू किए जाते हैं और केंद्र शासित राज्यों के लिए भी लागू होते हैं।
अन्य विकल्प:
- (A) वन और पर्यावरण मंत्रालय → यह मंत्रालय वन और पर्यावरण से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार है, लेकिन भूमि अधिकारों का वितरण राज्यों के द्वारा किया जाता है।
- (B) आदिवासी मामलों का मंत्रालय → यह मंत्रालय आदिवासियों के कल्याण के लिए कार्य करता है, लेकिन वन अधिकारों का वितरण राज्य सरकारों के माध्यम से होता है।
- (D) स्थानीय सरकार → स्थानीय सरकारों का कार्य स्थानीय मुद्दों पर होता है, लेकिन भूमि अधिकारों का वितरण राज्य सरकारों द्वारा नियंत्रित होता है।
इसलिए, सही उत्तर (C) राज्य और केंद्र शासित राज्य है।
Explanation by: Admin
भारत में वन अधिकारों की मान्यता और निहित करने का मुख्य कार्य राज्य और केंद्र शासित राज्य के पास है। वन अधिकार अधिनियम 2006 (Forest Rights Act, 2006) के तहत, आदिवासी और अन्य पारंपरिक वनवासियों को उनके पारंपरिक अधिकारों की मान्यता दी जाती है और उन्हें वन भूमि पर अधिकार दिए जाते हैं। यह अधिकार राज्य सरकारों द्वारा लागू किए जाते हैं और केंद्र शासित राज्यों के लिए भी लागू होते हैं।
अन्य विकल्प:
- (A) वन और पर्यावरण मंत्रालय → यह मंत्रालय वन और पर्यावरण से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के लिए जिम्मेदार है, लेकिन भूमि अधिकारों का वितरण राज्यों के द्वारा किया जाता है।
- (B) आदिवासी मामलों का मंत्रालय → यह मंत्रालय आदिवासियों के कल्याण के लिए कार्य करता है, लेकिन वन अधिकारों का वितरण राज्य सरकारों के माध्यम से होता है।
- (D) स्थानीय सरकार → स्थानीय सरकारों का कार्य स्थानीय मुद्दों पर होता है, लेकिन भूमि अधिकारों का वितरण राज्य सरकारों द्वारा नियंत्रित होता है।
इसलिए, सही उत्तर (C) राज्य और केंद्र शासित राज्य है।