Q. निम्नलिखित कथनों पर ध्यान दीजिये:-
1. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को भारत में एक सांविधिक दर्जा दिया गया है।
2. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के उद्देश्य के लिए जनगणना अधिनियम 1 9 48 में संशोधन किया गया है।
3. एनपीआर डेटाबेस का उपयोग बॉयोमीट्रिक डी-डुप्लिकेशन के लिए भारत की विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा किया जाना चाहिए और एक अद्वितीय पहचान संख्या असाइन करना है।
इनमें कौन सा/ से कथन सही हैं?
1. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को भारत में एक सांविधिक दर्जा दिया गया है।
2. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के उद्देश्य के लिए जनगणना अधिनियम 1 9 48 में संशोधन किया गया है।
3. एनपीआर डेटाबेस का उपयोग बॉयोमीट्रिक डी-डुप्लिकेशन के लिए भारत की विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा किया जाना चाहिए और एक अद्वितीय पहचान संख्या असाइन करना है।
इनमें कौन सा/ से कथन सही हैं?
✅ Correct Answer: (B)
केवल 1 और 3
Explanation: केवल 1 और 3 सही कथन हैं। पहला बयान सही है कि एनपीआर की वैधानिक स्थिति है। लेकिन एनपीआर को नागरिकता अधिनियम 1 9 55 में अपनी वैधानिक स्थिति मिली है, जिसमें संशोधन किया गया था और अब धारा 14 ए का कहना है कि केंद्र सरकार अनिवार्य रूप से भारत के हर नागरिक को पंजीकृत कर सकती है और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी कर सकती है और केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाए रख सकती है और उस उद्देश्य के लिए एक राष्ट्रीय पंजीकरण प्राधिकरण स्थापित कर सकती है|
Explanation by: Geetam
केवल 1 और 3 सही कथन हैं। पहला बयान सही है कि एनपीआर की वैधानिक स्थिति है। लेकिन एनपीआर को नागरिकता अधिनियम 1 9 55 में अपनी वैधानिक स्थिति मिली है, जिसमें संशोधन किया गया था और अब धारा 14 ए का कहना है कि केंद्र सरकार अनिवार्य रूप से भारत के हर नागरिक को पंजीकृत कर सकती है और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी कर सकती है और केंद्र सरकार भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाए रख सकती है और उस उद्देश्य के लिए एक राष्ट्रीय पंजीकरण प्राधिकरण स्थापित कर सकती है|