Explanation: फा-ह्यान (Fa-Hien) एक चीनी बौद्ध भिक्षु और यात्री थे, जो 399-411 ई. के दौरान भारत आए थे।
वे भारत में बौद्ध धर्म और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने आए थे।
उस समय भारत में गुप्त वंश के सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य (चंद्रगुप्त द्वितीय) का शासन था।
फा-ह्यान ने अपनी यात्रा का वर्णन "फो-कुओ-की" (Fo-Kuo-Ki) नामक ग्रंथ में किया है।
उन्होंने भारत में शांति, सुव्यवस्थित प्रशासन, और बौद्ध धर्म के प्रसार का उल्लेख किया।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(A) अशोक – बौद्ध धर्म के महान प्रचारक थे, लेकिन वे फा-ह्यान से लगभग 600 साल पहले (273-232 ई.पू.) शासन कर चुके थे।
(B) समुद्रगुप्त – महान योद्धा थे, लेकिन उनके शासनकाल (335-380 ई.) में फा-ह्यान भारत नहीं आए थे।
(C) चंद्रगुप्त I – गुप्त वंश के संस्थापक थे, लेकिन उनके शासनकाल में फा-ह्यान नहीं आए थे।
इसलिए, सही उत्तर है (D) चंद्रगुप्त विक्रमादित्य।
Explanation by: Mr. Dubey
वे भारत में बौद्ध धर्म और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने आए थे।
उस समय भारत में गुप्त वंश के सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य (चंद्रगुप्त द्वितीय) का शासन था।
फा-ह्यान ने अपनी यात्रा का वर्णन "फो-कुओ-की" (Fo-Kuo-Ki) नामक ग्रंथ में किया है।
उन्होंने भारत में शांति, सुव्यवस्थित प्रशासन, और बौद्ध धर्म के प्रसार का उल्लेख किया।
अन्य विकल्पों की व्याख्या:
(A) अशोक – बौद्ध धर्म के महान प्रचारक थे, लेकिन वे फा-ह्यान से लगभग 600 साल पहले (273-232 ई.पू.) शासन कर चुके थे।
(B) समुद्रगुप्त – महान योद्धा थे, लेकिन उनके शासनकाल (335-380 ई.) में फा-ह्यान भारत नहीं आए थे।
(C) चंद्रगुप्त I – गुप्त वंश के संस्थापक थे, लेकिन उनके शासनकाल में फा-ह्यान नहीं आए थे।
इसलिए, सही उत्तर है (D) चंद्रगुप्त विक्रमादित्य।