एक कुत्ता और एक मैना MCQs with answers
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Q. वह आँखें मूंदकर अपने रोम-रोम से उस स्नेह का अनुभव करने लगा यहाँ किसका उल्लेख है
✅ Correct Answer: (B)
कुत्ते का
Q. गुरुदेव ने शांति निकेतन छोड़ कहीं और रहने का मन क्यों बनाया।
✅ Correct Answer: (C)
स्वास्थ्य के कमजोर होने के कारण वे भीड़-भाड़ से दूर रहना चाहते थे
Q. हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित इस निबंध में किस-किस पशु-पक्षी का उल्लेख हुआ है।
✅ Correct Answer: (D)
उपर्युक्त तीनों का
Q. रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय का क्या नाम है?
✅ Correct Answer: (A)
शाति निकेतन
Q. इस निबंध में ‘गुरुदेव’ का संबोधन किसके लिए किया गया है?
✅ Correct Answer: (D)
रवींद्रनाथ टैगोर के लिए
Q. निम्नलिखित में से कौन सी रचना हजारी प्रसाद द्विवेदी जी की नहीं है?
✅ Correct Answer: (C)
कादम्बरी
Q. हजारी प्रसाद द्विवेदी जी ने निम्नलिखित में से किस विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य नहीं किया?
✅ Correct Answer: (A)
दिल्ली विश्वविद्यालय
Q. हजारी प्रसाद का जन्म कब और कहाँ हुआ?
✅ Correct Answer: (B)
1907 में जिला बलिया के दूबे का उपरा गाँव में
Q. ‘दर्शन’ को मैं जो यहाँ विशेषरूप से दर्शनीय बनाकर लिख रहा हूँ. उसका कारण यह है कि गुरुदेव के पास जब कभी मैं जाता था तो प्रायः वे यह कहकर मुस्करा देते थे कि ‘दर्शनार्थी हैं क्या?’ शुरू-शुरू में मैं उनसे ऐसी बंगला में बात करता था, जो वस्तुतः हिन्दी-मुहावरों का अनुवाद हुआ करती थी। किसी बाहर के अतिथि को जब मैं उनके पास ले जाता था तो कहा करता था, ‘एक भद्र लोक आपनार दर्शनेर जन्य ऐसे छेना’ यह बात हिन्दी में जितनी प्रचलित है, उतनी बंगला में नहीं। इसलिए गुरुदेव जरा मुस्करा देते थे। बाद में मुझे मालूम हुआ कि मेरी यह भाषा बहुत अधिक पुस्तकीय है और गुरुदेव ने उस ‘दर्शन’ शब्द को पकड़ लिया था।
'गुरुदेव रवींद्रनाथ जी वर्शनार्थी है क्या?’ यह कहकर क्यों मुस्कराते थे?
'गुरुदेव रवींद्रनाथ जी वर्शनार्थी है क्या?’ यह कहकर क्यों मुस्कराते थे?
✅ Correct Answer: (B)
लेखक इस कथन को हिन्दी मुहावरों को अनुवाद करके टैगोर जी से निवेदन करता
Q. ‘दर्शन’ को मैं जो यहाँ विशेषरूप से दर्शनीय बनाकर लिख रहा हूँ. उसका कारण यह है कि गुरुदेव के पास जब कभी मैं जाता था तो प्रायः वे यह कहकर मुस्करा देते थे कि ‘दर्शनार्थी हैं क्या?’ शुरू-शुरू में मैं उनसे ऐसी बंगला में बात करता था, जो वस्तुतः हिन्दी-मुहावरों का अनुवाद हुआ करती थी। किसी बाहर के अतिथि को जब मैं उनके पास ले जाता था तो कहा करता था, ‘एक भद्र लोक आपनार दर्शनेर जन्य ऐसे छेना’ यह बात हिन्दी में जितनी प्रचलित है, उतनी बंगला में नहीं। इसलिए गुरुदेव जरा मुस्करा देते थे। बाद में मुझे मालूम हुआ कि मेरी यह भाषा बहुत अधिक पुस्तकीय है और गुरुदेव ने उस ‘दर्शन’ शब्द को पकड़ लिया था।
लेखक किस तरह की भाषा का प्रयोग करते थे?
लेखक किस तरह की भाषा का प्रयोग करते थे?
✅ Correct Answer: (A)
पुस्तकीय भाषा
Q. ‘दर्शन’ को मैं जो यहाँ विशेषरूप से दर्शनीय बनाकर लिख रहा हूँ. उसका कारण यह है कि गुरुदेव के पास जब कभी मैं जाता था तो प्रायः वे यह कहकर मुस्करा देते थे कि ‘दर्शनार्थी हैं क्या?’ शुरू-शुरू में मैं उनसे ऐसी बंगला में बात करता था, जो वस्तुतः हिन्दी-मुहावरों का अनुवाद हुआ करती थी। किसी बाहर के अतिथि को जब मैं उनके पास ले जाता था तो कहा करता था, ‘एक भद्र लोक आपनार दर्शनेर जन्य ऐसे छेना’ यह बात हिन्दी में जितनी प्रचलित है, उतनी बंगला में नहीं। इसलिए गुरुदेव जरा मुस्करा देते थे। बाद में मुझे मालूम हुआ कि मेरी यह भाषा बहुत अधिक पुस्तकीय है और गुरुदेव ने उस ‘दर्शन’ शब्द को पकड़ लिया था।
गुरुदेव ने किस शब्द को पकड़ लिया
गुरुदेव ने किस शब्द को पकड़ लिया
✅ Correct Answer: (D)
‘दर्शन’ शब्द को
Q. ‘दर्शन’ को मैं जो यहाँ विशेषरूप से दर्शनीय बनाकर लिख रहा हूँ. उसका कारण यह है कि गुरुदेव के पास जब कभी मैं जाता था तो प्रायः वे यह कहकर मुस्करा देते थे कि ‘दर्शनार्थी हैं क्या?’ शुरू-शुरू में मैं उनसे ऐसी बंगला में बात करता था, जो वस्तुतः हिन्दी-मुहावरों का अनुवाद हुआ करती थी। किसी बाहर के अतिथि को जब मैं उनके पास ले जाता था तो कहा करता था, ‘एक भद्र लोक आपनार दर्शनेर जन्य ऐसे छेना’ यह बात हिन्दी में जितनी प्रचलित है, उतनी बंगला में नहीं। इसलिए गुरुदेव जरा मुस्करा देते थे। बाद में मुझे मालूम हुआ कि मेरी यह भाषा बहुत अधिक पुस्तकीय है और गुरुदेव ने उस ‘दर्शन’ शब्द को पकड़ लिया था।
‘भन्नलोक’ का क्या अर्थ है।
‘भन्नलोक’ का क्या अर्थ है।
✅ Correct Answer: (C)
सज्जन पुरुष
Q. ‘दर्शन’ को मैं जो यहाँ विशेषरूप से दर्शनीय बनाकर लिख रहा हूँ. उसका कारण यह है कि गुरुदेव के पास जब कभी मैं जाता था तो प्रायः वे यह कहकर मुस्करा देते थे कि ‘दर्शनार्थी हैं क्या?’ शुरू-शुरू में मैं उनसे ऐसी बंगला में बात करता था, जो वस्तुतः हिन्दी-मुहावरों का अनुवाद हुआ करती थी। किसी बाहर के अतिथि को जब मैं उनके पास ले जाता था तो कहा करता था, ‘एक भद्र लोक आपनार दर्शनेर जन्य ऐसे छेना’ यह बात हिन्दी में जितनी प्रचलित है, उतनी बंगला में नहीं। इसलिए गुरुदेव जरा मुस्करा देते थे। बाद में मुझे मालूम हुआ कि मेरी यह भाषा बहुत अधिक पुस्तकीय है और गुरुदेव ने उस ‘दर्शन’ शब्द को पकड़ लिया था।
'प्रचलित’ शब्द से उपसर्ग व प्रत्यय अलग कीजिए।
'प्रचलित’ शब्द से उपसर्ग व प्रत्यय अलग कीजिए।
✅ Correct Answer: (A)
प्र + चल + इत
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