Explanation:
संवेग (Emotion) के तीन प्रमुख तत्व होते हैं:
व्यवहारात्मक: यह उस क्रिया को दर्शाता है जो हम अपने संवेगों के आधार पर करते हैं, जैसे कि गुस्से में चिल्लाना या खुशी में हंसना।
दैहिक: यह हमारे शरीर में होने वाले शारीरिक बदलावों से संबंधित होता है, जैसे दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना, या चेहरे पर परिवर्तन।
संज्ञानात्मक: यह हमारे संवेगों को समझने और उन्हें मान्यता देने के साथ जुड़ा होता है, जैसे कि हम किसी स्थिति को किस रूप में महसूस करते हैं या उसे कैसे समझते हैं।
संवेदी (Sensory) तत्व संवेग का एक हिस्सा नहीं होता है, क्योंकि यह हमारी इंद्रियों से संबंधित है, जो संवेगों के अनुभव का एक हिस्सा नहीं होते।
इसलिए, (D) संवेदी संवेग का तत्व नहीं है।
Explanation by: Praveen Singh
संवेग (Emotion) के तीन प्रमुख तत्व होते हैं:
व्यवहारात्मक: यह उस क्रिया को दर्शाता है जो हम अपने संवेगों के आधार पर करते हैं, जैसे कि गुस्से में चिल्लाना या खुशी में हंसना।
दैहिक: यह हमारे शरीर में होने वाले शारीरिक बदलावों से संबंधित होता है, जैसे दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना, या चेहरे पर परिवर्तन।
संज्ञानात्मक: यह हमारे संवेगों को समझने और उन्हें मान्यता देने के साथ जुड़ा होता है, जैसे कि हम किसी स्थिति को किस रूप में महसूस करते हैं या उसे कैसे समझते हैं।
संवेदी (Sensory) तत्व संवेग का एक हिस्सा नहीं होता है, क्योंकि यह हमारी इंद्रियों से संबंधित है, जो संवेगों के अनुभव का एक हिस्सा नहीं होते।
इसलिए, (D) संवेदी संवेग का तत्व नहीं है।