भाषा भावों और विचारो को अभिव्यक्त करने के सशक्त माधय्म को भाषा कहते है | • उत्तर तथा हिन्दी की अधिकाँश भाषाएँ (बांगला, गुजराती, पंजाबी , मराठी आदि आर्य परिवार की भाषाएँ मानी जाती है| जिनका मूल श्रोत संस्कृत है| • भारत में एक दूसरा भाषा परिवार द्रविड़ कुल है, जिसकी मुख्या भाषाएँ है: तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ | • वैदिक संस्कृत से आधुनिक युग की भारतीय भाषाओं तक के अंतराल में चार चरण आए – 1. लौकिक संस्कृत 2. वैदिक संस्कृत 3. पाली और प्राकृत 4. अपभृंश इस प्रकार आधुनिक भाषाओं का जन्म अपभृंश से हुआ है | • अपभृंश के कुछ प्रचलित रूप निम्नलिखित थे — शौरसेनी, मागधी, महाराष्ट्री | • ब्रजभाषा को सूरदास ने , अवधी को तुलसीदास ने और मैथिली को विद्यापति ने चरमोत्कर्ष पर पहुंचाया | हिन्दी भाषा की बोलिया : हिंदी में निम्न बोलिया है — • पश्चिमी हिंदी – ब्रजभाषा , खड़ी बोली, हरियाणवी , बुंदेली, कन्नौजी आदि | • पूर्वी हिंदी – अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी, आदि | • राजस्थानी हिंदी – मेवाती, मारवाड़ी, मेवाड़ी, हाड़ोती आदि | • पहाड़ी हिंदी – मंडियाली, गढ़वाली , कुमाउँनी आदि | • बिहारी हिंदी – भोजपुरी, मगही, मैथिली आदि | • 14 सितम्बर 1949 को भारत के संविधान सभा ने अनुच्छेद 343 के अंतर्गत हिंदी को भारत संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया | हिंदी इन राज्यों की भी भाषा है – उत्तर प्रदेश , बिहार, मध्य प्रदेश , राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराँचल , झारखण्ड, छत्तीसगढ़ और केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार | पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र ने द्वितीय भाषा के रूप में इसे मान्यता दी है | • व्याकरण भाषा के नियमो का संकलन तथा विश्लेषण कर भाषा की एक सुनिश्चित व्यवस्था प्रस्तुत करता है | लिपि 1. किसी भी भाषा के वर्ण जिस विशेष रूप में लिखे जाते है| उसे उस भाषा की लिपि कहते है | 2. अंग्रेजी भाषा की लिपि ‘ रोमन ‘, हिंदी भाषा की लिपि ‘ देवनागरी’ , उर्दू भाषा की लिपि ‘फ़ारसी’ तथा पंजाबी भाषा की लिपि ‘गुरुमुखी’ है | मराठी भाषा भी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है | 3. नोट: (1) फ़ारसी लिपि दायें से बायीं और लिखी जाती है | (2) देवनागरी और रोमन लिपि बायें से दायें लिखी जाती है | (3) चीनी और जापानी लिपियाँ ऊपर से नीचे की ओर लिखी जाती है |