विशेषण शब्द का अर्थ होता है. किसी शब्द की विशेषता को बताना और विशेषण शब्द का काम संज्ञा या सर्वनाम के शब्दों की विशेषता बताना होता है. यही विशेषण का अर्थ होता है.विशेषण शब्द के अर्थ के साथ ही विशेषण शब्द की परिभाषा जुड़ी हुई है. जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता का बोध कराता है उसकी विशेषता बताता है उसे विशेषण कहते हैं सर्वनाम शब्द 20 शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं. संज्ञा जो जो काम करती है. वही काम सर्वनाम करते हैं तो यदि ऐसे वाक्य में संज्ञा शब्दों की विशेषता को विशेषण बताएगा तो सर्वनाम की विशेषता भी बताएगा.क्योंकि सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आकर वही सभी काम करता है जो की संज्ञा करती है इसलिए यह दोनों एक ही तरह का काम करते हैं और इसीलिए इनकी दोनों की विशेषता विशेषण बताएगा. प्रविशेषण किसे कहते हैं प्रविशेषण और शब्दों को कहा जाता है जो विशेषण शब्दों की भी विशेषता को बताए. उन्हें प्रविशेषण कहते हैं. 1. सीता बहुत सुंदर है इस वाक्य में सीता शब्द है वह किसकी लड़की का नाम है. वह उसके बारे में यह बताया जा रहा है कि वह बहुत सुंदर है. सीता ही वह लड़की है. जो बहुत सुंदर है. और सीता शब्द संज्ञा है. और सीता के लिए एक शब्द सुंदर का प्रयोग किया गया है यानी संज्ञा शब्द सीता की विशेषता को बताने वाला शब्द सुंदर है. तो इस वाक्य में सुंदर शब्द सीता की विशेषता को बता रहा है. इसलिए यह सुंदर शब्द विशेषण है. लेकिन अब आगे बात आती .है कि यदि सुंदर शब्द विशेषण है. तो जो संज्ञा शब्द सीता को क्या कहेंगे तो आप को यह ध्यान में रखना होगा कि जिस शब्द की विशेषता बताई जाती है. या विशेषण शब्द जिस सर्वनाम या संज्ञा शब्द की विशेषता को बताता है.उन संज्ञा या सर्वनाम शब्दों को ही हम विशेष्य कहते हैं. 2. आज बहुत अधिक गर्मी है इस वाक्य में गर्मी शब्द संज्ञा है. और अधिक शब्द भी आया है और यह अधिक शब्द गर्मी की विशेषता को दर्शाने के लिए आया है. यह गर्मी की विशेषता बता रहा है. और यह विशेषण शब्द है.और संज्ञा होने के कारण गर्मी शब्द विशेष्य भी है. क्योंकि जिस शब्द की विशेषता को बताया जाता है. उसे ही विशेष्य कहा जाता है. और यहां पर गर्मी शब्द की विशेषता बताई जा रही है. इसलिए गर्मी शब्द विशेष्य है. इस वाक्य में आपको एक और चीज भी मिलेगी यहां पर अधिक शब्द जो विशेषण है उसकी भी विशेषता बताने के लिए एक शब्द का प्रयोग किया गया है. और वह शब्द बहुत है. और अब हम आपको बता देते हैं. कि जो शब्द विशेषण की विशेषता बताते हैं. उन्हें प्रविशेषण कहते हैं. 3. रतन घोर परिश्रमी है. इस वाक्य में रतन शब्द संज्ञा है और परिश्रमी शब्द का प्रयोग रतन की विशेषता को बताने के लिए प्रयोग किया गया है. कि रतन एक परिश्रमी व्यक्ति है. परिश्रमी शब्द रतन शब्द की विशेषता बताने के कारण विशेषण है. रतन शब्द की विशेषता बताई जा रही है. क्योंकि रतन शब्द संज्ञा तो है. ही और इसकी विशेषता बताने के कारण इसलिए हम इसे विशेष्य भी कहेंगे.और यदि इस वाक्य को हम ध्यान से देखते हैं तो घोर शब्द परिश्रमी की विशेषता बता रहा है. यानी घोर शब्द विशेषण की विशेषता बता रहा है और इसलिए घोर शब्द प्रविशेषण है. विशेषण कितने प्रकार के होते हैं 1. गुणवाचक विशेषण (Gunvachak Visheshan) 2. संख्यावाचक विशेषण (Sankhya Vachak Visheshan) 3. परिमाणवाचक विशेषण (Parimaan Vachak Visheshan) 4. सार्वनामिक विशेषण (Sarvanamik Visheshan)