Home / Hindi Web / Hindi Topics / क्या न्यूटन के गति के दूसरे नियम में कुछ त्रुटी है?

क्या न्यूटन के गति के दूसरे नियम में कुछ त्रुटी है?

Filed under: Science

सर आइज़क न्यूटन जिन्होंने की गति के नियमों का प्रतिपादन किया। उन्होंने गति से संबंधित अपने तीन नियम दिए ।

 दो नियम उनके सही हैं लेकिन तीसरे नियम में कुछ असुद्धि है तो चलिए देखते हैं वो क्या है?

न्यूटन का तीसरा नियम यह था की प्रत्येक क्रिया के बराबर विपरीत प्रतिक्रिया होती है उदाहरण के लिए अगर हम पृथ्वी से रॉकेट को आसमान की तरफ भेजें तो रॉकेट जिस गति से आसमान की ओर जाती है या जितना बल वह ऊपर की ओर लगाती है और उतना ही बल जमीन की तरफ धक्का देती है।

लेकिन मैं ऐसा मानता हूं कि न्यूटन के तीसरे नियम में कभी-कभी थोड़ी त्रुटि देखने को मिलती है तो आइए देखते हैं कब और कहां?

न्यूटन के तीसरे नियम की व्याख्या में न्यूटन ने कहा कि अगर हम जमीन पर चलते हैं तो जितना बल हम जमीन की तरफ लगाते हैं उतना ही बल जमीन हमारी तरफ लगाती है इसी कारण हम जमीन पर चलने में समर्थ हैं। इस नियम में न्यूटन ने प्रतिक्रिया वाली सतह के घनत्व, और गुणों के बारे में नहीं कहा है। 

मेरे अनुसार, प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है लेकिन प्रतिक्रिया वाली सतह , क्रिया वाली सतह के बराबर बल हमेशा नही लगाती है ये प्रतिक्रिया करने वाली सतह के घनत्व और गुणों पर निर्भर करता है।

उदाहरण के लिए - जब हम जमीन पर चलते हैं तो चल पाते हैं क्योंकि जमीन भी उतना ही बल हमारी तरफ लगा रही है जितना बल हम उसकी तरफ लगा रहे हैं वहीं अगर हम दलदल जमीन में चलने की कोशिश करते हैं तो हम चल नही पाते, क्योंकि दलदल जमीन का घनत्व सामान्य जमीन के घनत्व की तुलना में कम होता है, उसके गुण सामान्य जमीन की तुलना में भिन्न होते हैं। 

दूसरा उदाहरण - हम लकड़ी की बेंच पर बैठते हैं तो हम आराम से बैठ जाते हैं क्योंकि लकड़ी भी हमे उतने ही बल से प्रतिकर्षित करती है जितने बल से हम उसके उपर बैठते हैं। लेकिन वही हम सोफा पर बैठते हैं तो हमे अहसास होता है की सोफा धस गया है यह पर ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लकड़ी की तुलना में सोफा के मैटेरियल का घनत्व कम है और वह उतना बल नहीं लगा पा रहा है जितना बल हम उस पर बैठने में लगा रहे हैं। 


और भी बहुत से उदाहरण है जो मेरी बात को साबित करते हैं। जैसे की पानी में ना चल पाना, हवा में ना चल पाना आदि।


ये जो बात मैने उपर बताई है ये मेरी अपनी सोच है। इससे मैं किसी के उपर दोष या किसी को गलत साबित नहीं कर रहा, ये मेरे अपने विचार हैं जो सही भी हो सकते हैं और गलत भी। 

आप क्या सोचते हैं। मैं जो कह रहा हु वो सही है या गलत अपने विचार कमेंट में अवश्य रखे जिससे की मुझे पता चल सके की मैं कितना सही हूं। 
धन्यवाद।।।।

Tags