Explanation:
द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध को प्रसिद्ध समीकरण E = mc² द्वारा व्यक्त किया जाता है, जिसे अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1905 में अपने सापेक्षता के विशिष्ट सिद्धांत (Special Theory of Relativity) के तहत प्रतिपादित किया था।
E = mc² समीकरण का अर्थ:
- E (Energy): किसी वस्तु की संचित ऊर्जा
- m (Mass): वस्तु का द्रव्यमान
- c (Speed of Light): प्रकाश की गति (3 × 10⁸ मीटर/सेकंड)
इस समीकरण का अर्थ है कि द्रव्यमान और ऊर्जा एक-दूसरे में परिवर्तित हो सकते हैं। यही सिद्धांत नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy) और परमाणु बम (Atomic Bomb) के कार्य करने का आधार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
❌ (A) Quantum Theory (क्वांटम सिद्धांत):
- यह सूक्ष्म कणों (Subatomic Particles) और उनके व्यवहार का अध्ययन करता है, लेकिन द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध इससे नहीं जुड़ा है।
❌ (B) Field Theory of Energy (ऊर्जा का क्षेत्र सिद्धांत):
- यह विद्युतचुंबकीय क्षेत्रों और बलों की व्याख्या करता है, लेकिन द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध का इससे सीधा संबंध नहीं है।
❌ (C) General Theory of Relativity (सापेक्षता का सामान्य सिद्धांत):
- यह गुरुत्वाकर्षण और द्रव्यमान के बड़े पैमाने पर प्रभावों की व्याख्या करता है, लेकिन E = mc² विशेष सापेक्षता सिद्धांत से संबंधित है।
इसलिए, सही उत्तर है:
(D) Special Theory of Relativity / सापेक्षता का विशिष्ट सिद्धांत