Explanation:
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) उस ऊर्जा को कहते हैं जो किसी वस्तु में उसके गति (Velocity) और द्रव्यमान (Mass) के कारण होती है। इसका समीकरण इस प्रकार है:
KE = 1/2 m v^2
जहाँ,
- KE = गतिज ऊर्जा
- m = वस्तु का द्रव्यमान
- v = वस्तु की चाल (Velocity)
गति और द्रव्यमान दोनों पर निर्भरता:
- यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान (m) अधिक हो, तो उसकी गतिज ऊर्जा भी अधिक होगी।
- यदि चाल (v) बढ़े, तो गतिज ऊर्जा v² के अनुपात में बढ़ती है (गति दुगुनी होने पर ऊर्जा चार गुना हो जाती है)।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
❌ (A) गतिमान वस्तु के दाब पर:
- दाब (Pressure) से गतिज ऊर्जा का सीधा संबंध नहीं होता।
❌ (B) गतिमान वस्तु के द्रव्यमान पर:
- केवल द्रव्यमान पर निर्भरता अधूरी होगी, क्योंकि गति (Velocity) भी जरूरी है।
❌ (C) गतिमान वस्तु की गति अथवा चाल पर:
- केवल गति पर निर्भरता अधूरी होगी, क्योंकि द्रव्यमान (Mass) भी जरूरी है।
इसलिए, सही उत्तर है:
(D) गतिमान वस्तु की गति और द्रव्यमान दोनों पर