📊 Science
Q. दूर संचार में प्रयोग में लायी जाने वाली विद्युतचुम्ब्कीय तरंगे ________ होती है।
  • (A) पराबैंगनी
  • (B) दृश्यक
  • (C) अबरकत
  • (D) शुक्ष्म तरंगें
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✅ Correct Answer: (D) शुक्ष्म तरंगें

Explanation:

दूरसंचार (Telecommunication) में प्रयोग की जाने वाली विद्युतचुंबकीय तरंगें मुख्य रूप से रेडियो तरंगें और सूक्ष्म तरंगें (Microwaves) होती हैं।

विकल्पों का विश्लेषण:

(D) सूक्ष्म तरंगें (Microwaves) – सही उत्तर

  • सूक्ष्म तरंगें मोबाइल संचार, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, वाई-फाई और रडार सिस्टम में प्रयोग की जाती हैं।
  • इनकी तरंगदैर्घ्य (Wavelength) लंबी होती है, जिससे वे आसानी से लंबी दूरी तक संचार कर सकती हैं।

(A) पराबैंगनी (Ultraviolet) – गलत

  • पराबैंगनी किरणें मुख्य रूप से चिकित्सा, जीव विज्ञान और सैनिटाइजेशन में उपयोग होती हैं, लेकिन संचार में नहीं।

(B) दृश्यक (Visible) – गलत

  • दृश्यमान प्रकाश तरंगें मनुष्य द्वारा देखी जा सकती हैं, लेकिन इनका उपयोग संचार में नहीं किया जाता।

(C) अबरक्त (Infrared) – गलत

  • अबरक्त तरंगें टीवी रिमोट, हीट सेंसर और शॉर्ट-रेंज कम्युनिकेशन में उपयोग होती हैं, लेकिन लंबी दूरी के दूरसंचार में नहीं।

इसलिए, सही उत्तर है:

(D) सूक्ष्म तरंगें (Microwaves)

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Q. सार्वत्रिक गैस नियतांक (R) की एस आई इकाई है :
  • (A) Watt k-1mol-1
  • (B) JK-1mol-1
  • (C) erg K-1 mol-1
  • (D) NK-1mol-1
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✅ Correct Answer: (B) JK-1mol-1
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Q. 60 किलोग्राम वजन का एक कुत्ता 10 मीटर प्रति सेकंड की गति से दौड़ रहा है का संवेग _____ होगा।
  • (A) 600 Kg m/s
  • (B) 550 Kg m/s
  • (C) 500 Kg m/s
  • (D) 470 Kg m/s
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✅ Correct Answer: (A) 600 Kg m/s
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Q. परमाणु वम _____ के सिद्धान्त पर आधारित है।
  • (A) नाभिकीय संलयन
  • (B) नाभिकीय विखंड
  • (C) नाभिकीय संक्रमण
  • (D) रेडियो उत्सर्जन
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✅ Correct Answer: (B) नाभिकीय विखंड

Explanation:

परमाणु बम नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) की प्रक्रिया पर आधारित होता है, जिसमें एक भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम-235 या प्लूटोनियम-239) छोटे नाभिकों में विभाजित होता है, जिससे अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।

नाभिकीय विखंडन की प्रक्रिया:

  1. जब न्यूट्रॉन किसी भारी नाभिक (यूरेनियम-235) से टकराता है, तो वह दो छोटे नाभिकों में विभाजित हो जाता है।
  2. इस प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में ऊर्जा और अधिक न्यूट्रॉन मुक्त होते हैं।
  3. मुक्त न्यूट्रॉन आगे अन्य नाभिकों को विखंडित करते हैं, जिससे श्रृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया (Chain Reaction) शुरू होती है।
  4. यह प्रतिक्रिया अत्यंत तीव्र गति से होती है, जिससे एक विनाशकारी विस्फोट उत्पन्न होता है।

अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?

(A) नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion):

  • यह प्रक्रिया हाइड्रोजन बम (Hydrogen Bomb) में होती है, जहाँ हल्के नाभिक (जैसे ड्यूटेरियम और ट्रिटियम) मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं।
  • परमाणु बम में संलयन नहीं, बल्कि विखंडन होता है।

(C) नाभिकीय संक्रमण (Nuclear Transition):

  • यह ऊर्जा स्तरों में परिवर्तन से संबंधित होता है और परमाणु बम से कोई सीधा संबंध नहीं रखता।

(D) रेडियो उत्सर्जन (Radioactive Emission):

  • यह स्वाभाविक रेडियोधर्मी तत्वों के विघटन से संबंधित है, लेकिन यह परमाणु बम के विस्फोट का मुख्य कारण नहीं है।

इसलिए, सही उत्तर है:

(B) नाभिकीय विखंड (Nuclear Fission)

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Q. यदि द्रव्यमान पर कार्य करता है बल त्वरण उत्पन्न करता है तो न्यूटन कि गति के दूसरे सिद्धांत के अनुसार –
  • (A) m = af
  • (B) f = a/m
  • (C) f = am
  • (D) f = ma
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✅ Correct Answer: (D) f = ma
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Q. जब एक वायुयान लूप बना रहा होता है तो गिरता नहीं है क्युकी उसका वजन आवश्यक प्रदान करता है –
  • (A) श्यान बल
  • (B) अभिकेन्द्री बल
  • (C) अपकेंद्री बल
  • (D) गुरुत्व के विपरीत बल
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✅ Correct Answer: (B) अभिकेन्द्री बल

Explanation:

जब एक वायुयान लूप (Loop) बनाता है, तो वह वृत्तीय गति करता है। इस दौरान, वायुयान पर कई बल कार्य करते हैं, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force) होता है।

कैसे काम करता है अभिकेन्द्री बल?

  1. जब वायुयान एक वृत्तीय पथ में उड़ता है, तो उसे केंद्र की ओर खींचने के लिए एक बल की आवश्यकता होती है।
  2. यह बल अभिकेन्द्री बल कहलाता है, जो उसे लूप के भीतर बनाए रखता है और गिरने से रोकता है।
  3. इस बल की आपूर्ति या तो वायुयान के पंखों द्वारा उत्पन्न लिफ्ट (Lift) से होती है या फिर वायु का दबाव और गति इसे बनाए रखते हैं।

अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?

(A) श्यान बल (Viscous Force):

  • यह तरल या गैस में गति के दौरान होने वाला प्रतिरोधी बल है, लेकिन लूप बनाने में इसकी कोई विशेष भूमिका नहीं होती।

(C) अपकेंद्री बल (Centrifugal Force):

  • यह केवल एक आभासी बल (Pseudo Force) है, जो वस्तु को बाहर की ओर धकेलता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में लूप बनाए रखने के लिए आवश्यक बल अभिकेन्द्री बल ही होता है।

(D) गुरुत्व के विपरीत बल:

  • यह लिफ्ट बल हो सकता है, लेकिन वायुयान को वृत्तीय पथ में बनाए रखने के लिए मुख्य रूप से अभिकेन्द्री बल जिम्मेदार होता है।

इसलिए, सही उत्तर है:

(B) अभिकेन्द्री बल (Centripetal Force)

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Q. 70 कि ग्रा द्रव्यमान की वस्तु पर 350 N का शुद्ध बल कार्य करता है जो की प्रारम्भ स्थिर अवस्था में है। इसका त्वरण ________ होगा।
  • (A) 3
  • (B) 5
  • (C) 7
  • (D) 9
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✅ Correct Answer: (B) 5
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Q. गैर पारम्परिक ऊर्जा के सन्दर्भ में OTE का क्या अर्थ है ?
  • (A) Other Thermal Energy
  • (B) Ocean Thermal Energy
  • (C) Ocean Tidal Energy
  • (D) Ocean Tidal Electricity
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✅ Correct Answer: (B) Ocean Thermal Energy

Explanation:

OTE (Ocean Thermal Energy) एक गैर-पारंपरिक (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोत है, जिसमें महासागर के गर्म सतही पानी और ठंडे गहरे पानी के बीच के तापमान अंतर का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है। इसे Ocean Thermal Energy Conversion (OTEC) प्रणाली कहा जाता है।

OTE (Ocean Thermal Energy) कैसे काम करता है?

  1. महासागर की सतह का पानी सूर्य के कारण गर्म होता है, जबकि गहरे पानी में तापमान ठंडा रहता है।
  2. इस तापमान के अंतर का उपयोग एक ऊष्मा इंजन (Heat Engine) में किया जाता है।
  3. यह इंजन वाष्प उत्पन्न करता है, जो टरबाइन को घुमाता है और बिजली उत्पन्न करता है।

अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?

(A) Other Thermal Energy:

  • यह कोई मान्य तकनीकी शब्द नहीं है।

(C) Ocean Tidal Energy:

  • ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy) समुद्र की लहरों और ज्वार-भाटा पर आधारित होती है, जबकि OTE तापीय ऊर्जा पर आधारित होती है।

(D) Ocean Tidal Electricity:

  • यह ज्वारीय ऊर्जा से संबंधित है, जो OTE से अलग है।

इसलिए, सही उत्तर है:

(B) Ocean Thermal Energy (महासागरीय तापीय ऊर्जा)

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Q. जीनर डायोड का उपयोग किया जाता है ?
  • (A) An amplifier
  • (B) An rectifier
  • (C) एक दोलन कारी के रूप में / An oscillator
  • (D) एक विभव नियंत्रक के रूप में / A Voltage regulator
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✅ Correct Answer: (D) एक विभव नियंत्रक के रूप में / A Voltage regulator

Explanation:

जेनर डायोड (Zener Diode) मुख्य रूप से वोल्टेज रेगुलेटर (Voltage Regulator) के रूप में उपयोग किया जाता है। यह एक विशेष प्रकार का अर्धचालक डायोड है, जो विपरीत पूर्वाग्रह (Reverse Bias) में कार्य करता है और एक निश्चित वोल्टेज पर ब्रेकडाउन होते हुए भी स्थिर वोल्टेज बनाए रखता है

जेनर डायोड कैसे काम करता है?

  1. जब इसे विपरीत पूर्वाग्रह (Reverse Bias) में रखा जाता है और वोल्टेज "Zener Breakdown Voltage" से अधिक हो जाता है, तो यह अचानक एक नियत वोल्टेज पर करंट प्रवाहित करने लगता है
  2. इस गुण का उपयोग वोल्टेज रेगुलेशन के लिए किया जाता है, जिससे यह स्थिर DC वोल्टेज प्रदान करता है
  3. यह विद्युत परिपथों (Electronic Circuits) में वोल्टेज स्पाइक्स को रोकने और स्थिर वोल्टेज बनाए रखने के लिए उपयोग किया जाता है।

अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?

(A) An amplifier (एम्प्लीफायर):

  • जेनर डायोड सिग्नल को बढ़ाने (Amplification) का कार्य नहीं करता, बल्कि यह वोल्टेज को स्थिर करता है।

(B) A rectifier (रेक्टिफायर):

  • रेक्टिफायर AC को DC में बदलने के लिए उपयोग होता है, जबकि जेनर डायोड मुख्य रूप से वोल्टेज नियंत्रण के लिए प्रयोग किया जाता है।

(C) An oscillator (दोलनकारी):

  • जेनर डायोड स्वयं दोलन (Oscillation) उत्पन्न नहीं करता, बल्कि यह वोल्टेज को स्थिर करता है।

इसलिए, सही उत्तर है:

(D) एक विभव नियंत्रक के रूप में / A Voltage Regulator

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Q. द्रव्यमान ऊर्जा सम्बन्ध किसका निष्कर्ष है?
  • (A) Quantum theory / क्वांटम सिद्धान्त
  • (B) Field theory of energy / ऊर्जा का क्षेत्र सिद्धान्त
  • (C) General theory of relatively / सापेक्षता का सामान्य सिद्धान्त
  • (D) Special theory of relatively / सापेक्षता का विशिष्ट सिद्धान्त
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✅ Correct Answer: (D) Special theory of relatively / सापेक्षता का विशिष्ट सिद्धान्त

Explanation:

द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध को प्रसिद्ध समीकरण E = mc² द्वारा व्यक्त किया जाता है, जिसे अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1905 में अपने सापेक्षता के विशिष्ट सिद्धांत (Special Theory of Relativity) के तहत प्रतिपादित किया था।

E = mc² समीकरण का अर्थ:

  • E (Energy): किसी वस्तु की संचित ऊर्जा
  • m (Mass): वस्तु का द्रव्यमान
  • c (Speed of Light): प्रकाश की गति (3 × 10⁸ मीटर/सेकंड)

इस समीकरण का अर्थ है कि द्रव्यमान और ऊर्जा एक-दूसरे में परिवर्तित हो सकते हैं। यही सिद्धांत नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy) और परमाणु बम (Atomic Bomb) के कार्य करने का आधार है।

अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?

(A) Quantum Theory (क्वांटम सिद्धांत):

  • यह सूक्ष्म कणों (Subatomic Particles) और उनके व्यवहार का अध्ययन करता है, लेकिन द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध इससे नहीं जुड़ा है।

(B) Field Theory of Energy (ऊर्जा का क्षेत्र सिद्धांत):

  • यह विद्युतचुंबकीय क्षेत्रों और बलों की व्याख्या करता है, लेकिन द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध का इससे सीधा संबंध नहीं है।

(C) General Theory of Relativity (सापेक्षता का सामान्य सिद्धांत):

  • यह गुरुत्वाकर्षण और द्रव्यमान के बड़े पैमाने पर प्रभावों की व्याख्या करता है, लेकिन E = mc² विशेष सापेक्षता सिद्धांत से संबंधित है।

इसलिए, सही उत्तर है:

(D) Special Theory of Relativity / सापेक्षता का विशिष्ट सिद्धांत

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